logo

मूड

ट्रेंडिंग:

ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमला हो गया? IAEA ने दिया जवाब

अमेरिका और इजरायल से टकराव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसके न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाया गया है। उसके इस दावे को IAEA ने खारिज कर दिया है।

Iran claims US Israel attacked nuclear attack to IAEA

नतांज परमाणु संवर्धन की सैटेलाइट इमेज, Photo Credit: PTI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

इजरायल और अमेरिका से हिंसक संघर्ष के बीच ईरान ने अपनी बड़ी न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमले का गंभीर आरोप लगाया है। ईरान का दावा है कि अमेरिका और इजराइल ने एक जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन में उसकी नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाया। यह मुद्दा सोमवार को इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) की 35-मेंबर बोर्ड मीटिंग में उठाया गया, जिससे इंटरनेशनल चिंता और बढ़ गई। IAEA ने इस दावे को खारिज किया है।

 

IAEA में ईरान के राजदूत रेजा नजफी ने मीटिंग के दौरान कहा, 'ईरान की शांतिपूर्ण और इंटरनेशनल लेवल पर मॉनिटर की जाने वाली न्यूक्लियर फैसिलिटीज पर फिर से हमला हुआ है।' जब उनसे प्रभावित जगह के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ तौर पर नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी का नाम लिया। नतांज को ईरान में यूरेनियम एनरिचमेंट का एक बड़ा सेंटर माना जाता है।

यह भी पढ़ें: आखिरकार चीन ने दिया बयान, ईरान-अमेरिका युद्ध पर क्या बोला ड्रैगन?

 

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और इजराइल के 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' के बाद इस इलाके में टेंशन बहुत ज्यादा है। इन मिलिट्री ऑपरेशन्स की वजह से यह भी दावा किया गया कि ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। बदले में, ईरान ने वेस्ट एशिया के कई हिस्सों में अमेरिका US और इजराइली बेस पर हमला किया है।

IAEA ने जताई चिंता

इस बीच, IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल मारियानो ग्रॉसी ने स्थिति को बहुत चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि अगर किसी न्यूक्लियर प्लांट को गंभीर नुकसान होता है तो रेडियोएक्टिव लीक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित निकालने की जरूरत पड़ सकती है।

 

यह भी पढ़ें: 'US के कई एयरक्राफ्ट गिरे..', कुवैत के बयान से बढ़ी अमेरिका की टेंशन 

 

हालांकि, ग्रॉसी ने साफ किया कि अभी तक बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट, तेहरान रिसर्च रिएक्टर या दूसरी न्यूक्लियर फ्यूल साइकिल फैसिलिटी को नुकसान के कोई निशान नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सीमा से लगे देशों में रेडिएशन का लेवल नॉर्मल पाया गया है और रीजनल मॉनिटरिंग नेटवर्क को अलर्ट पर रखा गया है।

 

ग्रॉसी ने सभी पार्टियों से संयम बरतने और डिप्लोमैटिक समाधान पर लौटने की अपील की। ​​उन्होंने कहा, 'डिप्लोमेसी मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं।' मौजूदा हालात में दुनिया की नजरें इस सेंसिटिव इलाके पर टिकी हैं, जहां किसी भी गलती के गंभीर नतीजे हो सकते हैं।


और पढ़ें