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होर्मुज स्ट्रेट में दाखिल हुए अमेरिकी जहाज? ईरान ने दे दिया बेबाक जवाब

ईरान ने अमेरिका के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें अमेरिका ने दावा किया था कि उसके नौसेना के दो विध्वंसक पोत होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरे।

Strait of hormuz

होर्मुज स्ट्रेट में जहाज।

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पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता विफल हो गई है। शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। 21 घंटे तक दोनों देशों के बीच वार्ता चली लेकिन बेनतीजा रही। इस बीच ईरान ने अमेरिका के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें अमेरिका ने दावा किया था कि उसके नौसेना के दो विध्वंसक पोत होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरे थे। 

 

ईरान के सरकारी मीडिया ने यह जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी पोत के गुजरने पर निर्णय लेने का अधिकार ईरान के सशस्त्र बलों के पास है। इससे पहले, अमेरिकी सेना ने कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से पहली बार उसकी नौसेना के दो विध्वंसक पोत होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरे थे। हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि ईरान ने स्ट्रेट पार करने की कोशिश कर रहे अमेरिकी सैन्य पोत को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।

 

यह भी पढ़ें: ईरान के लिए मरने-मारने पर क्यों तुले रहते हैं हिजबुल्लाह के लड़ाके?

ईरान के पाले में है गेंद

इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका ने अपना 'बेहतरीन और अंतिम' प्रस्ताव दे दिया है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अब गेंद ईरान के पाले में है। जेडी वेंस का कहना है कि अमेरिका काफी लचीला और समझौता करने को तैयार था, लेकिन ईरान अपनी शर्तें मानने को तैयार नहीं हुआ।

 

ईरान ने बातचीत के असफल होने का ठीकरा अमेरिका पर फोड़ा है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिकी ने ज्यादा और अनुचित मांगे रखी हैं, जिन्हें स्वीकार ही नहीं किया जा सकता है। 

 

यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में फिर निशाने पर हिंदू, घरों में घुसे, दुकानें तोड़ी, PM तारिक चुप

किन मुद्दों पर अटकी बात?

  • यूरेनियम संवर्धन: अमेरिका चाहता था कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करे, यूरेनियम अमेरिका को लौटाए, ईरान इसके लिए तैयार नहीं हुआ।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: अमेरिका होर्मुज पर नियंत्रण चाहता है, ईरान अपना नियंत्रण छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। ईरान की सहमति के बिना, इस स्ट्रेट से कोई विमान नहीं गुजरेगा।
  • जंग में हुए नुकसान का मुआवजा: यह युद्ध, इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर थोपा है। ईरान ने युद्ध के लिए मुआवजा मांगा, अमेरिका ने इसमें भी अनाकानी की।
  • प्रतिबंध हटाना: ईरान चाहता था कि अमेरिकी और दुनिया के सारे प्रतिबंध ईरान से खत्म किए जाएं, अमेरिका इसके लिए भी तैयार नहीं हुआ। 
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