ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच ईरान के ईरान के विदेश मामलों के डिप्टी मिनिस्टर डॉ. सईद खतीबजादेह का बड़ा बयान सामने आया है। मंत्री खतीबजादेह शुक्रवार को दिल्ली में रायसीना डायलॉग 2026 में भाग ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर ईरान को खत्म करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने इस जंग में ईरान द्वारा की जा रही कार्रवाइयों का बचाव किया।
सईद खतीबज़ादेह ने कहा, 'अमेरिका ने ईरान के वजूद को खत्म करने का फैसला किया है। वह ईरान में प्राइमरी स्कूलों पर बम गिरा कर हमला कर रहा है। इस हमले में 7-12 साल के 200 बच्चों को मार दिया है। इजरायल कई दशकों से ग्रेटर इजरायल के नाम पर अपने भ्रम के कारण ईरान को खत्म करने का दावा कर रहा है। हमने अमेरिका और अपने पड़ोसी देशों को साफ कहा है कि अगर हमारे वजूद पर खतरा होगा तो, हमारे पास फारस की खाड़ी इलाके में अमेरिकी मौजूदगी को खत्म करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।'
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'झूठ के आधार पर देश पर हो रहा है हमला'
सईद खतीबजादेह ने आगे कहा, 'मेरे देश पर इस सरासर झूठ के आधार पर हमला हो रहा है कि ईरान खतरा पैदा कर रहा था। अमेरिकियों और इजरायलियों ने ईरान के खिलाफ हमला क्यों शुरू किया? यह एक अहम सवाल है। अगर आप यह सवाल अमेरिकन एडमिनिस्ट्रेशन से पूछेंगे, तो अलग-अलग मार्केट और ऑडियंस के आधार पर आपको अलग-अलग जवाब मिलेंगे। उन्होंने यह युद्ध पावर पॉलिटिक्स और 'ग्रेटर इजरायल' के भ्रम के कारण शुरू किया है।'
ईरान ने कोई उकसावा नहीं किया
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर किए जा रहे संयुक्त हमले पर कहा कि आज अमेरिकन और इजरायली जो कर रहे हैं, वह अंतर
रार्ष्ट्रीय कानून और नियमों के खिलाफ है। शुरू से ही ईरान की तरफ से कोई उकसावा नहीं किया गया था।
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'वे ईरान के अस्तित्व को खत्म करना चाहते हैं'
ईरान के विदेश राज्य मंत्री सईद खतीबजादेह ने आगे कहा, 'यह ईरान के खिलाफ एक अस्तित्व की लड़ाई है और वे ईरान के अस्तित्व को खत्म करना चाहते हैं। हम उन हमलावरों को पीछे धकेलने के लिए एक बहादुरी भरी, राष्ट्रवादी लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारे पास कोई चारा नहीं है, सिवाय इसके कि हम वहीं हमला करें जहां से अमेरिकी हमला शुरू कर रहे हैं।'
बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई को मौत के घाट उतार दिया। खामेनेई की मौत के बाद दोनों देशों ने मिलकर ईरान में हमले तेज कर दिए हैं। इस जंग में अभी तक अकेले ईरान में 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।