ईरान की सेना ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी हमले की धमकी दी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनातनी का माहौल है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नाकेबंदी कर रखी है, ताकि कोई भी ईरानी जहाज फारस की खाड़ी से बाहर न निकल सके। दूसरी तरफ ईरान ने भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। यहां से किसी जहाज को निकलने नहीं दिया जा रहा है।
ईरान के सरकारी मीडिया आउटलेट आईआरआईबी ने सेना की केंद्रीय कमान खातम अल-अनबिया का बयान जारी किया है। इसमें कहा गया कि अगर आक्रमणकारी अमेरिकी सेना क्षेत्र में नाकाबंदी, डकैती और समुद्री डकैती जारी रखती है तो उसे यह पता होना चाहिए कि उन्हें ईरान के शक्तिशाली सशस्त्र बलों की तरफ से जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
ईरानी सेना ने आगे कहा कि रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन और नियंत्रण जारी रखते हुए हम एक और आक्रमण की स्थिति में अमेरिकी व जायोनी दुश्मनों को और अधिक नुकसान पहुंचाने को तैयार और दृढ़ संकल्पित हैं।
यह भी पढ़ें: कहीं फायरिंग तो कहीं धमाकों की आवाज, पूरे माली में आतंकियों का बड़ा हमला
ईरान और अमेरिका में जहाजों को जब्त करने की मची होड़
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनातनी का असर वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन पर पड़ रहा है। दोनों ही देशों की सेना जहाजों को जब्त कर रही हैं। इससे ईंधन आपूर्ति के सबसे अहम रूट में स्वतंत्र आवागमन खतरे में पड़ गया है। पिछले हफ्ते ही ईरान और अमेरिका ने दो-दो टैंकरों को अपने कब्जे में लिया था। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रोजाना करीब 129 जहाज गुजरते थे। वहीं पिछले 24 घंटे में सिर्फ पांच जहाज ही स्ट्रेट पार कर सके हैं।
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान जाएंगे ईरान के विदेश मंत्री, क्या अमेरिका से होगी बातचीत?
जर्मनी और तुर्की तैनात करेंगे माइनस्वीपर जहाज
जर्मनी का कहना है कि अगर समझौता होता है तो वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइनस्वीपर जहाजों को तैनात करने की योजना बना रहा है। जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के मुताबिक सबसे पहले इन जहाजों की तैनाती भूमध्य सागर में होगी। इसके बाद इनकी तैनाती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम भूमध्य सागर में एक माइनस्वीपर तैनात करेंगे और उसे एक कमांड और सप्लाई शिप उपलब्ध कराएंगे।' जर्मनी की तरह ही तुर्की ने भी समझौता होने की स्थिति में माइनस्वीपर जहाज तैनात करने की बात कही है।