ईरान पर हमले के 60 सेंकड के भीतर इजरायल ने उसके 40 शीर्ष अधिकारियों को मौत के घाट उतार दिया था। अब बड़ा खुलासा हुआ है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को स्पेस से आने वाली मिसाइल से अंजाम दिया गया था। बता दें कि 28 फरवरी की सुबह ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिका-इजरायल ने अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों को मार दिया था।
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अली खामेनेई को मारने में इजरायल ने अपनी बेहद शक्तिशाली ब्लू स्पैरो बैलेस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया था। यह मिसाइल स्पेस में जाने के बाद पृथ्वी की तरफ बेहद तेज स्पीड से लौटती है। 28 फरवरी की सुबह इजरायली फाइटर जेट से दागी कई इन मिसाइलों ने तेहरान में भीषण तबाही मचाई थी।
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कैसे काम करती है मिसाइल?
फाइटर जेट से लॉन्च होने के बाद बूस्टर रॉकेट मिसाइल को पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर ले गया। स्पेस में जाने के बाद मिसाइल को इंटरसेप्ट या रोकना बेहद मुश्किल होता है। स्पेस में ही वॉरहेड बूस्टर रॉकेट से अलग हुआ। ऊपर ही टारगेट को लॉक किया। मिसाइल दोबारा पृथ्वी के वायुमंडल में लौटी और बेहद तेज गति से लॉक टारगेट पर सटीक हमला किया।

1.9 टन की होती है एक मिसाइल
इजरायल ने ब्लू स्पैरो को सोवियत संघ की स्कड मिसाइल की तर्ज पर बनाया है। यह मिसाइल 1240 मील (2,000 किमी) तक उड़ान भर सकती है। 2024 में भी इजरायल ने ईरान पर यह मिसाइल दाग चुका है। ब्लू स्पैरो मिसाइल करीब 6.5 मीटर लंबी है। वजन की बात करें तो करीब 1.9 टन की होती है। अधिकांश मामलों में मिसाइल को फाइटर जेट से लॉन्च किया जाता है। इजरायल के पास अभी ब्लू स्पैरो और सिल्वर स्पैरो मिसाइलें हैं। इसे इजरायल की आर्म्स डेवलपमेंट अथॉरिटी ने तैयार किया है।
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इजरायली अधिकारियों के मुताबिक 28 फरवरी की सुबह साढ़े सात बजे एफ-15 समेत अन्य विमानों को हमले की जिम्मेदारी सौंपी गई। दो घंटे बाद ही इन विमानों से ब्लू स्पैरो समेत 30 से अधिक मिसाइलों से अयातुल्ला अली खामेनेई के आवास पर हमला किया। इसमें अली खामेनेई, उनकी बेटी-दामाद, पोती और बहू समेत कई अन्य अधिकारियों की जान गई।