आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रमुख और मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के लिए मंगलवार को बुरी खबर सामने आई है। सईद के करीबी सहयोगी शेख यूसुफ अफरीदी की रविवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। शेख यूसुफ अफरीदी लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य था। यह घटना रविवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से लगभग 250 किलोमीटर दूर खैबर क्षेत्र के लांडी कोटल में हुई।
पाकिस्तान पुलिस के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने शेख यूसुफ अफरीदी पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अफरीदी प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा की क्षेत्रीय संरचना में एक प्रमुख व्यक्ति था। उसकी खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी समूह की गतिविधियों के लिए भर्ती और समन्वय में भी कथित भूमिका थी।
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घटना से इलाके में भारी गुस्सा
सूत्र ने बताया, 'इस घटना से इलाके में भारी गुस्सा है। स्थानीय पुलिस ने उसकी हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए जांच शुरू कर दी है।' सईद के प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के एक पदाधिकारी ने कहा कि अफरीदी एक प्रख्यात धार्मिक विद्वान था और खैबर के जाखखेल कबीले से संबंध रखता था। उसे अहले हदीस (सलाफी) विचारधारा का एक प्रमुख जानकार माना जाता था।
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चुनौतियों का सामना कर रहे हैं सलाफी
उसने कहा, 'अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियां बरसाईं और मौके से फरार हो गए। यह याद रखना चाहिए कि ख्वारिज (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) जैसे चरमपंथी समूह वर्तमान में सलाफी जानकारों से बौद्धिक और व्यावहारिक रूप से कड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।'
एक सप्ताह पहले लाहौर में, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापकों में से एक आमिर हमजा पर हमला हुआ था जिसमें उसे गोली लगी थी। सईद के बाद हमजा लश्कर-ए-तैयबा का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण नेता है, जो आतंकी वित्तपोषण मामलों में सजा सुनाए जाने के बाद 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में है।