पाकिस्तान में 3 लाख से अधिक HIV मरीज मिले हैं। पाकिस्तान नेशनल असंबेली की स्थायी समिति ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में इसका खुलासा किया। रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक 87 हजार मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं 34 हजार का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। समिति ने निजी अस्पतालों में अनियंत्रित मूल्य निर्धारण, धर्मार्थ देखभाल की कमी, भुगतान न होने पर शवों को बंधक रखना के अलावा अवैध क्लीनिक, बिना पर्चे दवाओं की बिक्री और असुरक्षित गर्भपात पर भी चिंता जताई।
सांसद डॉ. महेश कुमार मलानी की अध्यक्षता में बैठक हुई। नवजात शिशुओं के एचआईवी पॉजिटव होने पर चिंता व्यक्त की गई। समिति के सदस्यों ने हॉटस्पॉट और रेड जोन की पहचान से जुड़े मुद्दों को उठाया। सिंध और देश के अन्य हिस्सों में एचआईवी-पॉजिटिव नवजात शिशुओं के मामले सामने आ रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि राजधानी इस्लामाबाद के किसी भी अस्पताल के पास वैध लाइसेंस नहीं है, जबकि 2018 में ही इस्लामाबाद स्वास्थ्य सेवा नियामक प्राधिकरण (IHRA) की स्थापना हो चुकी है।
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पाकिस्तान के निजी अस्पतालों में सिरिंजों का बार-बार इस्तेमाल होता है। इस वजह से भी एचआईवी के मामले बढ़ने की आशंका है। समिति ने इस पर न केवल चिंता व्यक्त की, बल्कि मुंह से खाई जाने वाली दवाओं की भी सिफारिश की। उसका मानना है कि ज्ञान की कमी, असुरक्षित तरीके से इलाज और कलंक जैसी चीजों से एचआईवी के मामले बढ़ रहे हैं। राष्ट्रव्यापी जागरुकता अभियान की जरूरत है।
15 साल पहले पाकिस्तान के सरगोधा जिले के कोट इमराना गांव में एचआईवी का पहला मामला सामने आया था। 2019 में यहां जांच करने पर गांव के 5000 लोगों में 669 (13.38%) एचआईवी संक्रमित मिले, जबकि जून 2018 में यहां सिर्फ 1.29% एचआईवी मरीज थे। सबसे अधिक महिला और बच्चे संक्रमित है। जांच में सामने आया कि एक झोलाछाप डॉक्टर ने एक ही सिरिंज से कई मरीजों का इलाज किया और इससे ही गांव में संक्रमण फैला। हालांकि बाद उस झोलाछाप डॉक्टर की भी जान चली गई।
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पाकिस्तान में कैसे फैल रहा HIV
- दूषित रेजर और ब्लेड।
- यौन संबंध से
- दूषित सिरिंज से
लाहौर स्थित जीनोम सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर बेस्ड डायग्नोस्टिक्स एंड रिसर्च के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मरदान क्षेत्र में 50 से अधिक गांव, शेखूपुरा, लाहौर, फैसलाबाद और सरगोधा के नजदीक 50 अन्य गांव एचआईवी संक्रमण के हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं। साइंस डायरेक्ट के मुताबिक 2010 से 2018 के बीच पाकिस्तान में एचआईवी संक्रमण में 75% और एड्स से होने वाली मौतों में 405% का इजाफा देखने को मिला है।
HIV से सबसे अधिक कौन पीड़ित?
- महिला यौनकर्मी
- पुरुषों से संबंध बनाने वाले पुरुष
- नशीले इंजेक्शन लेने वाले लोग
- टांसजेंडर
- कैदी
- नवजात बच्चे
यूएनएआईडी की 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में 832,000 एमएसएम यानी पुरुषों से संबंध बनाने वाले पुरुष यौनकर्मी हैं। पाकिस्तान के कुल एचआईवी पीड़ितों में इनकी संख्या 22 फीसद है। 2018 में बलूचिस्तान की सबसे बड़ी जेल गद्दानी में एचआईवी का प्रसार करीब 4.2 फीसद मिला। वहीं पंजाब और सिंध की जेलों में यह दर 1% से 4.4% तक पाई गई। लाहौर की जेलों में एचआईवी संक्रमण की दर 2.01 फीसद था।