इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने से पाकिस्तान में ईंधन संकट की स्थिति बन गई है। हालात से निपटने के लिए सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं, जिनमें सरकारी वाहनों के ईंधन में कटौती, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था और स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने जैसे फैसले शामिल हैं।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में युद्ध का खतरा सीमित नहीं रहता है। इसका असर पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ऊर्जा काफी हद तक खाड़ी क्षेत्र से आने वाले तेल पर निर्भर हैं। कीमतों में अचानक वृद्धि ने देश की आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।
यह भी पढ़ें: हर जगह हो रही कमी, फिर बांग्लादेश को 5000 टन डीजल क्यों दे रहा भारत?
सरकारी वाहनों के पेट्रोल में 50% कटौती
सरकार ने ईंधन की बचत के लिए कई प्रशासनिक उपायों की घोषणा की है। पाकिस्तान के जिओ टीवी के मुताबिक अगले दो महीनों तक सरकारी विभागों के वाहनों के ईंधन में 50 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी। इसके साथ ही लगभग 60 प्रतिशत सरकारी वाहन दो महीने तक सड़कों से दूर रहेंगे ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके।
आर्थिक दबाव को देखते हुए सरकार ने सरकारी खर्चों में भी कटौती शुरू कर दी है। कैबिनेट के सदस्यों, सलाहकारों और विशेष सहायकों को अगले दो महीनों तक वेतन नहीं मिलेगा। संसद सदस्यों के वेतन में भी दो महीने के लिए 25 प्रतिशत कटौती की गई है। इसके अलावा सभी सरकारी विभागों को अपने खर्चों में 20 प्रतिशत की कमी करने का निर्देश दिया गया है। उच्च अधिकारियों पर भी इसका असर पड़ेगा। जिन अधिकारियों का वेतन 3 लाख रुपये प्रतिमाह से अधिक है उनके वेतन से दो दिन का भुगतान काटा जाएगा।
यह भी पढ़ें: दक्षिण भारत में गहराया LPG गैस संकट, होटलों को नहीं मिल पा रहा सिलेंडर
खर्च रोकने के लिए विदेश यात्राओं पर रोक
सरकार ने विदेशी यात्राओं पर भी नियंत्रण लगाया है। मंत्रियों, सलाहकारों और वरिष्ठ अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर फिलहाल प्रतिबंध रहेगा। केवल राष्ट्रीय हित से जुड़ी यात्राओं की अनुमति दी जाएगी। बैठकों और कार्यक्रमों के लिए टेलीकॉन्फ्रेंसिंग तथा ऑनलाइन माध्यम को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
खर्चों में कटौती के लिए आधिकारिक रात्रिभोज और इफ्तार पार्टियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही सेमिनार और आधिकारिक कार्यक्रम केवल सरकारी स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे।
पाकिस्तान में वर्क फ्रॉम होम लागू
सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किए हैं। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के लगभग 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी कार्यालय सप्ताह में केवल चार दिन काम करेंगे हालांकि यह व्यवस्था बैंकों पर लागू नहीं होगी। शिक्षा क्षेत्र भी इन उपायों से प्रभावित हुआ है। सरकार ने इस सप्ताह के अंत से सभी स्कूलों को दो सप्ताह के लिए बंद करने का फैसला किया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।