बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को बुधवार को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उन्हें उनके पति की कब्र के पास दफनाया गया। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हुए। उन्होंने खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिट्ठी सौंपी। इसमें पीएम मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर शोक जताया।
तारिक रहमान को भेजी चिट्ठी में पीएम मोदी ने कहा कि बेगम खालिदा जिया विचार बांग्लादेश के लोगों के साथ हैं। हालांकि उनके निधन से एक ऐसी कमी आई है जिसे पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन उनकी सोच और विरासत हमेशा बनी रहेगी।
पीएम मोदी ने 2015 में ढाका में खालिदा जिया से अपनी मुलाकात को याद किया और उनके बांग्लादेश के विकास और भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
यह भी पढ़ें-- 1975 से 1981 तक के वे कांड, जिनसे तैयार हुई 'बैटल्स ऑफ बेगम' की जमीन
पीएम मोदी ने चिट्ठी में क्या लिखा?
इस चिट्ठी में पीएम मोदी ने लिखा, 'आपकी मां, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ। इस गहन व्यक्तिगत क्षति पर कृपया मेरी हार्दिक संवेदना स्वीकार करें। उनकी आत्मा को शाश्वत शांति मिले।'
उन्होंने कहा, 'मैं जून 2015 में ढाका में बेगम साहिबा से अपनी मुलाकात और चर्चा को गर्मजोशी से याद करता हूं। वह दुर्लभ संकल्प और दृढ़ता वाली नेता थीं और बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त था। उन्होंने बांग्लादेश के विकास के साथ-साथ भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत बनाने में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए।'

पीएम मोदी ने कहा कि 'उनके निधन से एक अपूरणीय रिक्तता पैदा हुई है, लेकिन उनकी दृष्टि और विरासत कायम रहेगी। मुझे विश्वास है कि बीएनपी के आपके सक्षम नेतृत्व में उनके आदर्शों को आगे बढ़ाया जाएगा, और यह भारत-बांग्लादेश के गहन और ऐतिहासिक साझेदारी को नई शुरुआत और समृद्धि प्रदान करने में मार्गदर्शक प्रकाश का काम करेगा।'
प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान से कहा कि इस कठिन समय में ईश्वर आपको और आपके परिवार को सहन करने की शक्ति साहस दे।
यह भी पढ़ें-- कभी हुई उम्रकैद, अब बंपर स्वागत, क्या है बांग्लादेश के तारिक रहमान की कहानी?
30 दिसंबर को हो गया था निधन
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का 30 दिसंबर को निधन हो गया था। वह 80 साल की थीं और लंबे वक्त से बीमार थीं।
खालिदा जिया काफी लंबे समय से बीमार थीं। हार्ट और लंग्स में इन्फेक्शन के कारण 23 नवंबर को उन्हें भर्ती कराया गया था। वह 36 दिनों से इलाज करवा रही थीं। खालिदा जिया लंबे समय से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं, जिनमें लिवर सिरोसिस, गठिया, डायबिटीज और किडनी, फेफड़े, दिल और आंखों से जुड़ी पुरानी बीमारियां शामिल थीं।
खालिदा जिया का जन्म 15 अगस्त 1945 को हुआ था। वह बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी थीं। वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। बेनजीर भुट्टो के बाद किसी मुस्लिम देश की प्रधानमंत्री बनने वालीं वह दूसरी महिला थीं।

साल 1991 में हुए आम चुनाव में उनकी पार्टी ने बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाई और खालिदा जिया पहली बार प्रधानमंत्री रहीं। वह 1996 तक प्रधानमंत्री रहीं। इसके बाद 2001 से 2006 तक भी वह प्रधानमंत्री रहीं। उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे।
2018 में खालिदा जिया को कई मामलों में सजा सुनाई गई। अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद खालिदा जिया को कई आरोपों में बरी कर दिया। खालिदा जिया फरवरी में होने वाले संसदीय चुनावों में भी लड़ने वाली थीं।