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दोनों पैर कट गए थे, सिर्फ हाथों के दम पर एवरेस्ट चढ़ गया रूस का यह शख्स

रूस के रुस्तम नबीयेव ने बिना पैरों के सिर्फ अपने हाथों के सहारे माउंट एवरेस्ट चढ़कर इतिहास रच दिया है। उनकी इस मेहनत और हिम्मत की हर तरफ तारीफ हो रही है।

Rustam Nabiev Climbing

रुस्तम नबीयेव, Photo Credit: Social Media

रूस के रहने वाले माउंटेनियर रुस्तम नबीयेव ने इतिहास बना दिया है। 11 साल पहले दोनों पैर कट जाने के बावजूद रुस्तम ने अपने हाथों के सहारे दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की है। माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8,848.86 मीटर है। रुस्तम ने 20 मई 2026 को नेपाल के चढ़ाई सीजन के दौरान यह कामयाबी हासिल की है। साल 2015 में एक मिलिट्री बैरक के गिरने से उन्होंने अपने दोनों पैर खो दिए थे।

 

रुस्तम नबीयेव साल 2015 में उस हादसे का शिकार हुए थे जब वह सो रहे थे और अचानक बैरक की बिंल्डिंग गिर गई थी। उस घटना में कई सैनिकों की मौत हो गई थी। इस बड़े हादसे में पैर गंवाने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। एवरेस्ट बेस कैंप के फील्ड ऑफिस कोऑर्डिनेटर खिम लाल गौतम ने बताया कि रुस्तम सुरक्षित तरीके से शिखर तक पहुंच गए थे और उसके बाद वापस बेस कैंप की तरफ आ गए। चढ़ाई के वीडियो में वह खुम्बु आइसफॉल की खतरनाक सीढ़ियों को सिर्फ अपने हाथों के दम पर पार करते हुए नजर आए। उस आइसफॉल को पार करके 6,065 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप एक तक पहुंचने में उन्हें लगभग 15 घंटे का समय लगा था।

 

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एवरेस्ट पर जीत

पैर खोने के बाद रुस्तम ने सबसे पहले रूस और यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस को चढ़ा था। इसके बाद 2021 में उन्होंने नेपाल में दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची चोटी माउंट मनास्लू पर भी चढ़ाई की थी। इस साल उनका एवरेस्ट का बड़ा लक्ष्य भी पूरा हो गया। चोटी पर पहुंचने के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी बात कही। उन्होंने लिखा कि 20 मई को सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर नेपाल के समय के हिसाब से उन्होंने माउंटेनियर के इतिहास में पहली बार बिना पैरों के सिर्फ अपने हाथों का इस्तेमाल करके एवरेस्ट की चोटी को छू लिया है। उन्होंने यह जीत उन सभी के नाम की जो उन्हें देख रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तक आपके अंदर जान है तब तक लड़ते रहिए और आखिर तक लड़िए। 

 

 

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लोगों ने की तारीफ

जब रुस्तम के चढ़ाई वाले वीडियो और फोटो इंटरनेट पर आए तो लोगों ने उनकी हिम्मत और ताकत की बहुत तारीफ की। एक यूजर ने कमेंट किया कि जो लोग रुस्तम को विकलांग समझते हैं, असल में वह बहुत से लोगों से ज्यादा काबिल और मजबूत हैं।


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