बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष तारिक रहमान, बांग्लादेश का प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। उनकी मां खालिदा जिया, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं हैं। मां के निधन के एक महीने के भीतर, तारिक रहमान को देश की कमान मिलने जा रही है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में भारी बहुमत हासिल की है। यह चुनाव 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले हिंसक विद्रोह के बाद पहला बड़ा चुनाव था, जिसमें शेख हसीना की सरकार को हटा दिया गया था।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 297 सीटों में से 209 सीटें जीती हैं, जबकि दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें हासिल की हैं। हसीना की अवामी लीग पार्टी को चुनाव लड़ने से रोका गया था। चुनाव में वोटर टर्नआउट 59.44 प्रतिशत रहा। तारिक रहमान 60 साल के हैं और यह पहली बार होगा जब वह प्रधानमंत्री बनेंगे।
क्या है शपथग्रहण का शेड्यूल?
तारिक रहमान, 1991 के बाद देश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री भी होंगे। शपथ ग्रहण समारोह पारंपरिक तरीके से बंगभवन में नहीं, बल्कि संसद परिसर के साउथ प्लाजा में होगा। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन दोपहर 4 बजे नए कैबिनेट सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। इससे पहले सुबह 10 बजे नए सांसदों की शपथ होगी।
कहां होगा शपथ ग्रहण?
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने सुबह 11:30 बजे संसद भवन में अपनी संसदीय पार्टी की बैठक बुलाई है, जहां संसदीय दल के नेता का चुनाव होगा। बीएनपी के स्टैंडिंग कमिटी सदस्य सलाहउद्दीन अहमद ने कहा कि बहुमत वाली पार्टी के नेता के रूप में तारिक रहमान ही प्रधानमंत्री बनेंगे। इस समारोह में कई विदेशी मेहमान शामिल होंगे।
किन देशों को शपथ ग्रहण में मिला न्योता?
भारत की तरफ से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला जाएंगे, उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिश्री और लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह भी होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं जा रहे हैं। इसके अलावा मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, तुर्की के अंडरसेक्रेटरी बेरिस एकिंची और श्रीलंका के स्वास्थ्य और मीडिया मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा भी मौजूद रहेंगे।
तारिक रहमान से क्या उम्मीदें जताई जता रहीं हैं?
- नाजुक और कमजोर अर्थव्यवस्था को स्थिर करेंगे और सुधारेंगे
- कानून-व्यवस्था बहाल करना और धार्मिक हिंसा रोकेंगे
- कमजोर हो चुकी संवैधानिक संस्थाओं को दुरुस्त करेंगे
- भारत के साथ संबंधों को बहाल करेंगे और संतुलन बनाए रखेंगे
- पाकिस्तान और ISI के बढ़ते प्रभाव को नियंत्रित कर पाएंगे
- चीन के बढ़ते दखल को कम कर पाएंगे
- सांप्रदायिक तनाव और सामाजिक स्थिरता बनाने में सफल होंगे
- बदहाल बांग्लादेश को विकास के रास्ते पर लाने की कोशिश करेंगे
तारिक रहमान की चुनौती क्या है?
चुनाव के बाद तारिक रहमान ने अपने राजनीतिक विरोधियों के घर जाकर मुलाकात की, जिसमें जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान और नेशनल सिटिजन पार्टी के कन्वीनर नाहिद इस्लाम शामिल थे। उन्होंने बातचीत की और शुभकामनाएं दीं। तारिक रहमान अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस की जगह लेंगे। यूनुस के कार्यकाल में बांग्लादेश के बीच रिश्ते खराब हुए थे। अब बीएनपी की 20 साल बाद सत्ता में वापसी है। उनके सामने मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में भारत से बिगड़े रिश्तों को सुधारने की चुनौती है।