पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में शनिवार को शिया मुस्लिम हजारा अल्पसंख्यक समुदाय के दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना उस समय हुई जब हजारा टाउन के कुछ लोग अपने व्यापार के लिए सब्जियां खरीदने हजारगंज बाजार पहुंचे थे। पुलिस के अधिकारी खैर सुमलानी ने बताया कि दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए अनजान बंदूकधारियों ने इन लोगों पर अचानक गोलीबारी कर दी। इस हमले में हजारा समुदाय के दो व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित हत्या (टारगेट किलिंग) है।
इस हमले की जानकारी मिलते ही हजारा समुदाय के लोगों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने क्वेटा के वेस्टर्न बाईपास को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, जिससे शहर का यातायात रुक गया और सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई। हालांकि, अभी तक किसी भी चरमपंथी या आतंकवादी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश में जुटी हुई हैं।
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हजारा समुदाय पर हुए पुराने हमले
हजारा समुदाय पर पहले भी कई बड़े हमले हो चुके हैं। हालांकि पिछले कुछ समय से हिंसक समूहों ने उन्हें निशाना बनाना बंद कर दिया था। इससे पहले साल 2019 में क्वेटा के इसी हजारगंज बाजार में एक भयानक बम विस्फोट हुआ था, जिसमें कम से कम 20 लोगों की मौत हुई थी और 48 अन्य घायल हुए थे।
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इसके अलावा फरवरी 2013 में क्वेटा के हजारा टाउन में एक बहुत बड़ा बम धमाका हुआ था, जिसमें 91 लोगों की जान गई थी और लगभग 190 लोग घायल हुए थे। इस ताजा हमले ने इलाके में एक बार फिर पुराने सुरक्षा खतरों की याद दिला दी है।