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'...तो पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं', ईरान को ट्रंप ने अब कौन सी धमकी दी?

अमेरिका से साथ बातचीत में ईरान दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। 15 सूत्रीय प्रस्ताव के जवाब में भी तेहरान ने अपनी एक सूची भेज दी है। बात न बनते देख डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़ी धमकी दी है।

Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप। (Photo Credit: Social Media)

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अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है। डोनाल्ड ट्रंप की तमाम कोशिशों के बावजूद ईरान झुकने को तैयार नहीं है। वहीं ट्रंप का दावा है कि ईरान समझौता करने की भीख मांग रहा है। धमकी भरे लहजे में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को गंभीर हो जाना चाहिए। नहीं तो पीछे हटना का कोई रास्ता नहीं बचेगा। 


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि ईरान उनके प्रशासन के साथ बातचीत कर रहा है और एक समझौते को "बेहद" चाहता है, उनके प्रेस सचिव द्वारा यह कहने के कुछ घंटों बाद कि अमेरिका बमबारी अभियान में अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के "बहुत करीब" है।

 

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अपने ट्रूथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, 'बातचीत करने वाले ईरानी बहुत अलग और अजीब हैं। वह हमसे डील करने की भीख मांग रहे हैं। उन्हें इसे करना भी चाहिए, क्योंकि वे सैन्य तौर पर पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। उनके वापस आने का कोई मौका नहीं है। फिर भी वे सबके सामने कहते हैं कि वे सिर्फ हमारे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। यह गलत है। उन्हें जल्द ही गंभीर हो जाना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, क्योंकि एक बार ऐसा हो गया तो फिर पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं होगा। यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं होगा।'

 

 

 

 

जमीनी सेना उतारने की तैयारी

अमेरिकी मीडिया का दावा है कि ट्रंप प्रशासन ईरान को आखिरी सबसे बड़ा झटका देने की तैयारी में जुटा है। अगर बातचीत विफल होती है तो अमेरिका बड़े पैमाने पर बमबारी और जमीनी हमला कर सकता है। दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में यह बताया।

 

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  • पहला विकल्प: खार्ग द्वीप पर हमला। ईरान के तेल निर्यात की नाकेबंदी करना।
  • दूसरा विकल्प: लारकद्वीप पर सेना उतारना। यहां ईरान का नौसैनिक अड्डा और रडार हैं।
  • तीसरा विकल्प: अबू मूसा द्वीप पर हमला करके फारस की खाड़ी में पकड़ मजबूत बनाना। 

यूरेनियम पर अमेरिका की निगाह

अमेरिका किसी भी हाल में ईरान का संवर्धित यूरेनियम जब्त करना चाहता है। माना जाता है कि ईरान में 400 किलो से अधिक संवर्धित यूरेनियम है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह यूरेनियम खंडहर हो चुके परमाणु प्लांट के नीचे दबा है। अमेरिका यहां सेना भेजकर जमीनी एक्शन की तैयारी में है। 


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