पाकिस्तान के एक कोर्ट ने मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली वकील ईमान मजारी और उनके पति को 17-17 साल की जेल की सजा सुनाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट शेयर किए थे और उन पोस्ट को अधिकारियों ने राष्ट्र विरोधी बताया था। सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करने के लिए 17 साल की जेल की सजा का यह मामला अब पाकिस्तान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान में नागरिकों की आजादी को लेकर बहस छिड़ गई है।
24 जनवरी को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक कोर्ट ने ईमान मजारी और उनके पति को सजा सुनाई। पाकिस्तानी कोर्ट के अनुसार, ईमान मजारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बहुत ज्यादा आक्रामक पोस्ट डाले हैं। बता दें कि ईमान पाकिस्तानी सेना की मुखर आलोचकों में से एक हैं। इस मामले में अधिकारियों ने वकील ईमान और उनके पति वकील हादी अली चट्ठा को गिरफ्तार किया था। कोर्ट के एक बयान के अनुसार, दोनों पति-पत्नी को अब कुल मिलाकार 17-17 साल तक जेल में रहना होगा।
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क्या लगे आरोप?
कोर्ट ने अपने फैसले के जो डॉक्यूमेंट शेयर किए हैं उनमें कहा गया है कि उन दोनों को तीन आरोपों में जेल की सजा सुनाई गई है। इनमें, साइबर आतंकवाद, जानबूझकर नकली जानकारी ब्रॉडकास्ट करना शामिल है। सजा के ऐलान के एक दिन पहले ही उस समय दोनों को पाकिस्तानी पुलिस ने फिर से गिरफ्तार किया था जब वे एक कोर्ट में सुनवाई के लिए जा रहे थे।
पाकिस्तान पुलिस ने उन्हें बिना सजा के ही चोरों की तरह गिरफ्तार कर लिया और उनके साथ कथित तौर पर बदतमीजी भी की। जब कोर्ट में सुनवाई के लिए वे दोनों जा रहे थे तभी पुलिस उनके पीछे लग गई थी। रास्ते में ही पुलिस ने जबरन उनकी गाड़ी रुकवा दी और कुछ नकाबपोश अधिकारियों ने उनको गिरफ्तार कर लिया।
कौन हैं ईमान मजारी?
ईमान मजारी कोई आम वकील नहीं हैं। वह पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी की बेटी हैं। उनके दिवंगत पिता पाकिस्तान के मशहूर डॉक्टर भी थे। ईमान कई सालों तक देश के कई संवेदनशील मुद्दों पर आवाज उठाती रही। उन्होंने कई विवादित मामलों में अल्पसंख्यकों, पत्रकारों और आरोपियों को बचाने की कानूनी लड़ाई लड़ी। वह हमेशा बोलने की आजादी के पक्ष में रही हैं और पाकिस्तानी सेना की मुखर होकर आलोचना करती रही हैं।
सोशल मीडिया पर अक्सर वह अपने विचार पोस्ट करती रहती हैं। इन्हीं पोस्ट के आधार पर उन्हें पर आक्रामक पोस्ट और राष्ट्र विरोधी पोस्ट करने का आरोप लगाया गया और अब इसी मामले में उन्हें और उनके पति को 17-17 साल की जेल की सजा भी सुना दी गई है। वह पाकिस्तान में बलूचों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ भी लड़ाई लड़ती रही हैं। अब उनको मिली सजा के खिलाफ इस्लामाबाद में वकील सड़कों पर उतर आए हैं। इस्लामाबाद कोर्ट में आज भी सैंकड़ों वकीलों ने उनको मिली सजा के खिलाफ प्रदर्शन किया।