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टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कम करता है डार्क चॉकलेट, जानें कैसे?

पिछले कुछ सालों में डार्क चॉकलेट की डिमांड बढ़ी है क्योंकि ये हमारी सेहत के लिए फायदेमंद हैं।

Dark chocolate

डार्क चॉकलेट (क्रेडिट इमेज- फ्रीपिक)

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डार्क चॉकलेट का ट्रेंड भारत में पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। इसी के साथ इन चॉकलेट्स की मार्केट वैल्यू भी बढ़ी हैं। डार्क चॉकलेट आपकी सेहत के लिए बहुत फायदमेंद है। फिटनेस फ्रीक लोग अपनी डाइट में डार्क चॉकलेट खाते हैं। ये मिल्क चॉकलेट से बहुत बेहतर है। BMJ ने अपनी स्टडी में बताया कि डार्क चॉकलेट खाने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है।

 

खराब लाइफस्टाइल की वजह से डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी बन गई है। भारत को डायबिटी की राजधानी कहा जाता है। आइए जानते हैं डार्क चॉकलेट के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कैसे कम कर सकते हैं।

 

डार्क चॉकलेट से कम होता है टाइप 2 डायबिटीज का खतरा

 

जो लोग हफ्ते में डार्क चॉकलेट के पांच टुकड़े खाते हैं उन्में 21% तक टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है उनके मुकाबले जो कभी कोई चॉकलेट नहीं खाते हैं। अगर आप हफ्ते में किसी चॉकलेट के 5 टुकड़े खाते हैं तो 10% तक टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कम कर सकते हैं। सभी चॉकलेट एक जैसे नहीं होते हैं।

 

शोधकर्ताओं का कहना हैं कि अगर आप चॉकलेट खाने के शौकीन हैं तो मिल्क की बजाय डार्क चॉकलेट को चुनें। इससे आपके स्वास्थ्य में फायदा देखने को मिलेगा। ये स्टडी ब्रिटिश मेडिक्ल जर्नल में पब्लिश हुई। स्टडी में बताया गया कि डार्क चॉकलेट खाने की वजह से हृदय संंबंधी बीमारियों का खतरा भी कम होता है।

कितने तरह की चॉकलेट मिलती हैं?

 

मार्केट में व्हाइट, मिल्क और डार्क चॉर्कलेट मिलती है। मिल्क चॉकलेट में 10 प्रतिशत कोको होता है। लेकिन व्हाइट चॉकलेट में कुछ भी नहीं होता है। 100 ग्राम डार्क चॉकलेट में 70 से 85 प्रतिशत कोको कॉन्टेन होता है। इसमें गुड फैटी एसिड की अच्छी मात्रा होती है। इन सब में सबसे बेहतर डार्क चॉकलेट होता है।

 

डार्क चॉकलेट के फायदे

 

एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर हैं।
बल्ड फ्लो को बेहतर करता है और ब्लड प्रेशर को लो रखता है
हृदय संबंधी बीमारियों के खतरे को कम करता है।
त्वचा को सूर्य के हानिकारक किरणों से बचाता है।
ब्रेन के फंक्शन को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है।

 

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