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Delhi Pollution: 500 AQI में कितना कारगर है मास्क? डॉक्टर ने दी चेतावनी

दिल्ली इस समय गैस चैंबर बनी हुई है। सुबह में घना कोहरा और स्मॉग की चादर होती है जिसका असर हमारे स्वास्थ्य पड़ रहा है।

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प्रतिकात्मक तस्वीर, Photo credit: PTI

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दिल्ली और एनसीआर में जहरीली हवा लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। हवा में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम 10 के बारीक कण आपके खून में पहुंच जाते हैं जो फेफड़ों और हार्ट को नुकसान पहुंचाता है। प्रदूषण के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ, छाती में दबाव, खांसी, जुकाम की समस्या बढ़ जाती है। इस समय दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों का एक्यूआई 400 से 500 के बीच है। यह सभी के लिए हानिकारक है।

 

क्या इतने हाई एक्यूआई में सिर्फ मास्क काफी है? हमने इसके बारे में दिल्ली इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के रेस्पिरेट्री मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर निखिल मोदी  से बात की।

 

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पहले समझिए हाई एक्यूआई का मतलब क्या होता है?

 

जितना ज्यादा एक्यूआई होता है उतना ज्यादा पार्टिक्यूलेट मैटर का एक्सपोजर बढ़ता है। इसकी वजह से शॉर्ट टर्म प्रॉब्लम बढ़ जाती है और लॉन्ग टर्म में आने वाली परेशानियां भी जल्द आ जाती है। शॉर्ट टर्म प्रॉब्लम का मतलब गले में खराश, आंखों में पानी आना, नाक बहना, सांस लेने में दिक्कत होना। ये सारी समस्याएं उन लोगों में भी देखी जाती है जिन्हें कभी कोई फेफड़े संबंधी बीमारियां नहीं रही है। प्रदूषण की वजह से सांस लेने वाली म्यूकस लाइनिंग कमजोर होने लगती है।

 

जब हम हाई एक्यूआई की बात करते हैं तो उसका लेवल स्मोकिंग के हिसाब से चेक करते हैं। जितना ज्यादा एक्यूआई उतना ज्यादा आप स्मोक से एक्सपोज हो रहे हैं। लो एक्यूआई में रहने की वजह से जो फेफड़ों की समस्या आपको 20 से 25 साल में होने वाली थी। वह आपको हाई लेवल में रहने के कारण 5 से 10 साल में ही होना शुरू हो जाएगी। इस वजह से सीओपीडी, फेफड़ों का कैंसर, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा फेफड़ों में संक्रमण, निमोनिया और ट्यबूरक्लोसिस की समस्या ज्यादा जल्दी होगी।- डॉक्टर निखिल मोदी, दिल्ली

 

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क्या हाई AQI में सिर्फ मास्क लगाना काफी है?

 

डॉक्टर निखिल ने बताया कि मास्क कितना कारगर है? इसको लेकर कोई टेस्ट नहीं हुआ है लेकिन प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क सबसे ज्यादा जरूरी है। आप घर से निकलते समय एन-95 या एन 99 मास्क लगाएं। घर से सुबह और शाम में जरूरत न हो ना निकलें। आप दोपहर के समय में घर से बाहर निकले, उस समय हवा की क्वॉलिटी थोड़ी साफ हो जाती है। सुबह और शाम में एक्यूआई का लेवल बहुत ज्यादा होता है।

 

इसके अलावा अपनी डाइट में फल और सब्जियां शामिल करें। एंटी ऑक्सीडेंट रिच डाइट लें जो प्रदूषण के साइड इफेक्ट को कम करता है।

 

मास्क नहीं लगाने पर प्रदूषण के कारण आपको आस्थमा, फेफड़ों के अंदर की श्वास नलियों ( ब्रोन्कियल ट्यूब्स) में सूजन की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से आपको अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है।

 

 


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