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अकेलापन सेहत के लिए है नुकसानदायक, हो सकती हैं गंभीर बीमारियां

हम सभी जानते हैं कि अकेलापन इंसान को अंदर से खत्म कर देता है। आइए जानते हैं ये आपकी सेहत को कैसे प्रभावित करता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Freepik)

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इंसान हमेशा से समाज के साथ घुलमिल के रहना पंसद करता है। हम लोगों से बातचीत करते हुए कनेक्टेड महसूस करते हैं। इससे हमारी खुद की भी ग्रोथ होती हैं। पहले के समय में लोग एक-दूसरे से अपनी खुशी और गम बांटते थे लेकिन आज के दौर में लोग एक साथ रहकर भी अकेले है। आज की डिजिटल दुनिया में ज्यादातर लोग अकेलापन महसूस करते हैं। ये बहुत की आम बात है। 

 

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने बताया कि हर जगह पर सोशल आइसोलेशन और अकेलेपन है। एक स्टडी में कहा गया कि 25% लोग बुढ़ापे में खुद को समाज से अलग पाते हैं और 5 से 15 प्रतिशत लोगों को अकेलापन महसूस होता है। स्टडी के ये आंकड़े परेशान करने वाले हैं। अध्ययन में बताया गया कि आइसोलेशन और अकेलेपन की वजह से बीमारी और मौत होने की संभावना बढ़ जाती हैं।  

 

2022 की स्टडी में बताया गया कि समाजिक आइसोलेशन के बाद 26 प्रतिशत बुजुर्गों में डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं अकेलेपन की वजह से डिप्रेशन भी होता है। आइए हम पुरानी स्टडी को देखते और समझते हैं कि अकेलापन हमारे शरीर और दिमाग के लिए नुकसानदायक क्यों है?

 

जानिए क्या कहती है स्टडी

 

हमने प्रोटिओमिक्स पर ध्यान केंद्रित किया जिसे प्रोटीन की पढ़ाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हम जानते हैं प्रोटीन जीन एक्सप्रेशन में महत्ववपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रोसेस के दौरान जीन में एनकोडेड जानकारी को बाइलॉजिक्ल एक्टिविटी में बदल देता है। दवाएं लेने के दौरान प्रोटीन एक मुख्य स्त्रोत है जो ड्रग को टागरेट करता है।

 

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और फुडन विश्वविद्यालय ने मिलकर एक स्टडी की जिसे नेचर ह्यूमन बिहेवियर में प्रकाशित किया गया है। इस  स्टडी में यूके के 42,062 लोगों के डेटा बायोबैंक और 2,920 प्लाज्मा प्रोटीन का अध्ययन किया। स्टडी में पाया गया कि अकेलेपन के कारण दिमाग में पांच तरहे के विशेष प्रोटीन GFRA1, ADM, FABP4, TNFRSF10A and ASGR1 का लेवल बढ़ जाता है। ये सभी प्रोटीन अकेलेपन से संबंधित थे। जो लोग अकेलेपना महसूस करते हैं उनमें इस प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। 

 

शोधकर्ताओं ने इस स्टडी में शामिल होने वाले लोगों का 14 साल तक अध्ययन किया और पाया कि आधे से अधिक प्रोटीन हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज, स्ट्रोक और मृत्यु से जुड़े हुए थे।

रिसर्च में कहा गया कि अगर आप लोगों के साथ अच्छा रिलेशनशिप बना रहे हैं तो अकेलापन महसूस नहीं होगा। अकेलापन महसूस नहीं करेंगे तो ये हानिकारक प्रोटीन प्रोड्यूस नहीं होंगे जिससे आपकी सेहत अच्छी रहेगी। 

 

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