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H5N1 Virus के नए वैरिएंट ने बढ़ाई चिंता, जानें लक्षण और बचाव

बर्ड फ्लू (H5N1) वायरस भारत में तेजी से फैल रहा है। ये वायरस आमतौर पर मुर्गियों को संक्रमित करता है लेकिन अब ये इंसानों को भी संक्रमित कर रहा है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Freepik)

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देशभर के विभिन्न राज्यों में बर्ड फ्लू फैला हुआ है। बर्ड फ्लू यानी एच5एन1 वायरस। बर्ड फ्लू आमतौर पर पक्षियों में होने वाला संक्रमण है। पिछले कुछ समय में इस वायरस में कई म्यूटेशन हुए हैं जिसकी वजह से अन्य जानवरों और यहां तक कि इंसानों को संक्रमित कर रहा है।

 

ये वायरस खासतौर से उन लोगों में फैल रहा है जो जानवरों की देखभाल करते हैं। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने बर्ड फ्लू को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। सीडीसी की स्टडी में 150 पशु डॉक्टरों का H5N1 एंटीबॉडी टेस्ट करवाया गया। टेस्ट में 3 डॉक्टर संक्रमित पाए गए। हालांकि इन लोगों में H5N1 वायरस का कोई संक्रमण नहीं देखा गया। नई रिपोर्ट ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है।

 

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अमेरिका में बर्ड फ्लू के मामले बढ़े

 

अमेरिका में संक्रमण के 68 मामले दर्ज किए गए। टेक्सास यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉक्टर ग्रेगरी ग्रे के मुताबिक, बर्ड फ्लू के संक्रमित मामले सरकारी आंकड़ों से ज्यादा है। स्टडी में पाया गया कि संक्रमित मरीजों में कोई लक्षण नहीं आया है। इस बात ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। बर्ड फ्लू इंसानों में संक्रमित पक्षी के थूक, म्यूकस (बॉडी फ्लूड) और मल के सीधा संपर्क में आने से फैलता है। ये स्टडी मॉर्बिडिटी एंड मॉर्टेलिटी वीकली रिपोर्ट में हुई है। इस रिपोर्ट ने स्वास्थ्य अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है।

 

भारत के तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्यप्रदेश में बर्ड फ्लू के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र में पशुपालन विभाग ने राज्य में 7000 से अधिक पोल्ट्री बर्ड्स को मार दिया है और 2000 से अधिक अंडों को नष्ट कर दिया है।  एच5एन 1 वायरस के शुरुआत लक्षण में आंखें लाल होना, हल्का बुखार, कफ, गले में खराश, मांस पेशियों में दर्द, सिरदर्द होना शामिल है।

 

कैसे बर्ड फ्लू से बचें

 

पक्षियों या जानवरों की देखभाल करते समय हाथ में ग्लव्स का इस्तेमाल करें।

संक्रमित जगह पर बिना मास्क लगाए ना जाएं।
पक्षियों को खाना खिलाने और उनकी देखभाल करने के बाद हाथ जरूर धोएं।
उन जानवरों के साथ काम ना करें जो बीमार हैं या जो एवियन इन्फलूएंजा वायरस के संपर्क में आए हैं।

 

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अगर आप ऐसी जगह पर गए हैं जहां मुर्गियां या पक्षी रहते हैं तो घर में आने से पहले अपने जूते बाहर उतार दें। इससे आपके घर के आसपास संक्रमण का खतरा कम हो जाएगा।
बिना उबालें दूध का सेवन ना करें।

 

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारियों और सामान्य बातचीत पर आधारित है। खबरगांव इसकी पुष्टि नहीं करता है। विस्तृत जानकारी के लिए आप अपने किसी डॉक्टर की सलाह लें।

 

 

 
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