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जिस पैकेज्ड फूड से कंपनियां बना रही हैं 14 लाख करोड़, उसके नुकसान क्या हैं?

एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पैकेज्ड फूड मार्केट बड़े पैमाने पर फैलता जा रहा है, जिससे कई कंपनियां लाखों का मुनाफा कमा रही हैं। जानिए पैकेज्ड फूड के नुकसान क्या है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Sora

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भारत में पैकेज्ड फूड का बाजार तेजी से बढ़ता जा रहा है। रेडसीर की रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ते पैकेज्ड फूड मार्केट को देखते हुए 2030 तक इसके 50 फीसदी तक बढ़कर करीब 14 लाख करोड़ के आसपास पहुंचने की संभावना है। यह आंकड़ा जहां एक तरफ देश की अर्थव्यवस्था और फूड बाजार के विस्तार को दिखाता है, वहीं दूसरी तरफ यह लोगों की बदलती जीवनशैली, खान-पान की आदतों और सुख-सुविधाओं को लेकर भी कहानी बयां करता है। पैकेज्ड फूड के कुछ फायदे हैं तो वहीं उपभोक्ता की सेहत से जुड़े कई नुकसान भी हैं।

 

आज के दौर में कई लोग रेडी-टू-ईट फूड खाना पसंद करते हैं क्योंकि यह 5 से 10 मिनट में तैयार हो जाता है और लोग अपने बिजी लाइफस्टाइल में आसानी से खाना बनाकर खा सकते हैं। इसके अलावा फूड फोन के एक क्लिक पर घर तक डिलीवर हो जाता है। अब लोग ऑर्डर करके 10 से 15 मिनट में अपना मनचाहा भोजन पा लेते हैं। यह केवल एक साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसा प्रोडक्ट बन गया है जिसे स्वाद और आसान उपलब्धता के आधार पर चुना जा रहा है और यही बदलाव इस पूरे बाजार के विस्तार की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आया है। बढ़ते फूड मार्केट को देखते हुए सवाल उठता है कि क्या यह फूड हमारे शरीर के लिए हेल्दी है? सवाल यह भी उठता है कि लोग किन वजहों से पैकेज्ड फूड खाना पसंद कर रहे हैं।

 

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पैकेज्ड फूड क्यों पसंद कर रहे लोग?

इस समय पैकेज्ड फूड खाने का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है, जिसके पीछे कई वजहें हैं। आइए जानते हैं किन कारणों से लोग पैकेज्ड फूड का सेवन कर रहे हैं।


कम समय में उपलब्ध - आज के समय में कई लोग बड़े शहरों में अपने परिवार के साथ नहीं रहते हैं। इस वजह से उनके लिए नाश्ते से लेकर रात के खाने तक घंटों रसोई में बिताना मुश्किल हो जाता है। इसी कारण वे लोग कम समय में पकने वाले पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कर रहे हैं।

 

लंबी शेल्फ लाइफ - ताजा सब्जियां या दूध 1 से 2 दिन में खराब हो सकते हैं, लेकिन पैकेज्ड फूड में प्रिजर्वेटिव्स (रासायनिक तत्व) मिलाए जाते हैं, जिससे यह कई हफ्तों या महीनों तक खराब नहीं होता। इसी वजह से लोग एक बार में पूरे महीने का पैकेज्ड फूड खरीद लेते हैं, ताकि बार-बार खरीदने में समय बर्बाद न हो।

 

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स्वाद - कंपनियां अपने फूड आइटम्स में नमक, चीनी और मसालों का संतुलन इस तरह रखती हैं कि उपभोक्ताओं को स्वाद अच्छा लगे। पैकेज्ड फूड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका स्वाद हर बार एक जैसा रहता है, जबकि घर के खाने का स्वाद अलग-अलग हो सकता है।

पैकेज्ड फूड खाने के जोखिम

पैकेज्ड फूड का रोजाना सेवन हमारी सेहत के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। यह फूड खाने से हमें गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। रिसर्चगेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पैकेज्ड फूड के अधिक सेवन से ब्रेस्ट कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

 

पैकेज्ड फूड में इस्तेमाल होने वाले प्रिजर्वेटिव्स में सोडियम नाइट्रेट मिलाया जाता है, जिससे पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसके साथ ही महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है क्योंकि पैकेज्ड फूड में पोटेशियम नाइट्रेट भी पाया जाता है।

 

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रिसर्चगेट की यह रिपोर्ट फ्रांस के नेशनल हेल्थ केयर सिस्टम के मेडिकल डेटा पर आधारित है, जिसमें 2009 से 2024 तक लगभग दो लाख लोगों की जीवनशैली और डाइट पर नजर रखी गई। इस अध्ययन से पता चला है कि पैकेज्ड फूड में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स और केमिकल्स की वजह से लोगों में डायबिटीज, ब्रेस्ट कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

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