• NEW DELHI
05 Jan 2026, (अपडेटेड 05 Jan 2026, 8:20 PM IST)
मलाइका अब 52 साल की हो गई हैं। वह 20 साल पहले जैसी दिखती थीं, आज भी उतनी ही फिट दिखती हैं। चेहरे पर न झुर्रियां हैं, न बढ़ती उम्र की कोई निशानी। ऐसा क्यों है, आइए समझते हैं।
बॉलीवुड की सबसे फिट हिरोइनों का जिक्र हो और मलाइका का नाम न आए, ऐसा हो नहीं सकता है। रिवीलिंग कपड़े पहनना हो, बेहतरीन आउटफिट में नजर आना हो या सुर्खियों में रहना हो, मलाइका से बेहतर ये सारे टास्क कोई और नहीं कर सकता है। उनके साथ लॉन्च हुई हिरोइनों ने कब का एक्टिंग करियर से ब्रेक लिया है लेकिन मलाइका हैं कि डट गई हैं। बड़े से बड़ा प्रोड्युसर हो, हर कोई चाहता है कि उसकी फिल्म में मलाइका अरोड़ा एक 'आइटम सॉन्ग' में नजर आ जाएं। फैंस भी उनकी एक झलक पाने को बेताब रहते हैं। कभी सोचा है कि 52 की उम्र में भी मलाइका इतनी फिट क्यों लगती है कि लोग उन्हें 25 का समझते हैं?
मलाइका, अपनी फिटनेस का बेहद ख्याल रखती हैं। बेहतरीन डाइट, जिम और योग के कॉकटेल की वजह उन पर उम्र का असर, बेहद धीमा हो गया है। ऐसा लगता है कि उम्र ही रिवर्स हो गई हो। उनकी छोटी बहन अमृता अरोड़ा भी उनसे बड़ी नजर आती हैं। मलाइका ने अपने करियर की शुरुआत 1990 के दशक से की थी, 1998 में उनका गाना 'छैयां-छैयां' खूब मशहूर हुआ था। दशक बीत गए लेकिन मलाइका जस की तस रहीं।
आखिर मलाइका इतनी यंग क्यों दिखती हैं, उन्होंने खुद बताया है-
मलाइका अरोड़ा ने फिटनेस कायम रखने के लिए 5 तरह के प्राणायम की बात कही है। उन्होंने कही है कि आपके शरीर को भस्तिका, कपालभाती, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और उद्गीत की जरूरत है। उन्होंने इसे अपने फिटनेस का राज यही बताया है।
आइए जानते हैं मलाइका ने प्राणायाम के जिन तरीकों की बात की है, उनमें क्या है-
भस्त्रिका प्राणायाम: प्रणायाम की इस विधि में सांसें तेजी से बाहर-भीतर खींची और बाहर की जाती हैं। इसके लिए पद्मासन या सुखासन में बैठना होता है। कमर-गर्दन सीधी रखते हैं। नाक से तेजी से सांस भरते हैं और तेजी से बाहर निकालते हैं। पेट को फुलाते हैं और सिकोड़ते हैं। शुरुआत में धीरे-धीरे करते हैं, फिर इस प्रक्रिया को तेज करते हैं। इसे 20 से 30 बार करते हैं।
फायदा: योग गुरु अशोक पांडेय बताते हैं यह आसन, फेफड़ों को मजबूत बनाता है, शरीर में ऑक्सीजन बढ़ाता है, पाचन सुधारता है, थकान दूर करता है और अस्थमा जैसी समस्याओं में मदद करता है।
कपालभाति प्राणायाम: यह प्रणायाम सांस की तेज निकालने पर, जो माथे को चमकदार बनाता है। इस प्राणायम में सुखासन, पद्मासन या वज्रासन में सीधे बैठते हैं। रीढ़ सीधी रखते हैं। आंख बंद करते हैं और शरीर को ढीला छोड़ते हैं। नाक से सांस तेजी से बाहर निकालते और छोड़ते हैं। पेट को झटके से अंदर की ओर खींचते हैं। इसे शुरुआत में 20 से 30 बार करते हैं। सुबह इसे खाली पेट करना चाहिए।
फायदा: योग गुरु अशोक पांडेय बताते हैं कि इस प्राणायाम से पेट का शोधन होता है, शरीर से विषाक्त पदार्थ निकलते हैं। पाचन ठीक रहता है और मस्तिष्क को ऊर्जा मिलती है।
अनुलोम विलोम प्राणायाम: यह बारी-बारी से दोनों नथुनों से सांस लेने-छोड़ने का अभ्यास है। दाहिने हाथ के अंगूठे से दाहिनी नाक बंद करें। बाईं नाक से सांस भरें। फिर बाईं नाक बंद कर दाहिनी से सांस छोड़ें। फिर दाहिनी से भरें और बाईं से छोड़ें। ऐसा 10-15 मिनट करें।
फायदा: योग गुरु अशोक पांडेय बताते हैं यह प्राणायाम दिमाग शांत करता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है, फेफड़ों को साफ करता है, तनाव कम करता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनाता है।
भ्रामरी प्राणायाम: यह प्राणायाम मानसिक शांति के लिए बेहतर माना जाता है। प्राणायम करने के लिए पहले बैठकर आंखें बंद करें, कान उंगलियों से बंद करें। गहरी सांस भरें और सांस छोड़ते हुए मुंह बंद रखकर भौरें की तरह आवाज निकालें, या 'ओम' की ध्वनि निकालें। इसे 5 से 10 बार करें।
फायदा: योग गुरु अशोक पांडेय के मुताबिक इस प्राणायाम से तनाव और गुस्सा कम होता है। दिमाग शांत रहता है और नींद अच्छी आती है। यह प्राणायाम सिरदर्द दूर करता है और ध्यान बढ़ाने में मदद करता है।
भ्रामरी। Photo Credit: MalaikaArora/Instagram
उद्गीथ प्राणायाम: यह ओम जपते हुए सांस का अभ्यास है। आराम से बैठें। गहरी सांस भरें और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए 'ओम' का उच्चारण करें। इसे 5 से 10 बार करना चाहिए। फायदा: योग गुरु अशोक पांडेय ने कहा कि इस आसन से मन शांत रहता है, तनाव कम होता है, फेफड़ों को मजबूती मिलती है। ध्यान गहरा होता है।
उद्गीथ प्राणायाम Photo Credit: MalaikaArora/Instagramडिस्क्लेमर: प्राणायाम प्रशिक्षित व्यक्ति के निर्देशन में ही करना चाहिए।