एयर इंडिया को सोमवार को अपने एक बोइंग 787-8 विमान को जमीन पर उतारना पड़ा। यह विमान लंदन से बेंगलुरु आ रहा था। कारण था कि पायलट को फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित खराबी महसूस हुई। कंपनी ने कहा कि विमान को सुरक्षित रखने के लिए इसे उड़ान से बाहर कर दिया गया है।
यह घटना पिछले साल जून में हुए एयर इंडिया फ्लाइट 171 के हादसे की याद दिलाती है। उस हादसे में अहमदाबाद से लंदन जा रहे विमान में भी इसी तरह की समस्या की तरफ इशारा किया गया था। इस घटना में विमान क्रैश हो गया और 260 लोगों की मौत हो गई थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद फ्यूल स्विच रन से कटऑफ पोजीशन में चले गए थे। इससे इंजन में ईंधन की सप्लाई रुक गई और विमान ऊंचाई नहीं बना सका।
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स्विच में आई थी दिक्कत
फ्लाइट AI132 (लंदन हीथ्रो से बेंगलुरु) के दौरान लेफ्ट इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच में दिक्कत आई थी। इंजन के स्टार्ट रहने की स्थिति में स्विच दो बार रन पोजीशन पर लॉक नहीं रह सका और कटऑफ की तरफ चला गया। यह समस्या उड़ान के दौरान इंजन बंद होने का खतरा पैदा कर सकती है। विमान का रजिस्ट्रेशन VT-ANX था।
एयर इंडिया ने एक बयान में कहा, 'हमें पता चला है कि हमारे एक पायलट ने बोइंग 787-8 विमान के ईंधन कंट्रोल स्विच में संभावित खराबी की रिपोर्ट की है। इस जानकारी के बाद हमने उस विमान को ग्राउंड कर दिया है। हम मूल कंपनी (OEM यानी बोइंग) के साथ मिलकर इसकी जांच प्राथमिकता से करवा रहे हैं।'
DGCA को दी सूचना
एयरलाइन ने DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) को भी इसकी सूचना दी है। कंपनी ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सबसे ऊपर है। पिछले साल DGCA के निर्देश पर एयर इंडिया ने अपने सभी बोइंग 787 विमानों के ईंधन स्विच की जांच की थी और कोई समस्या नहीं मिली थी।
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जुलाई में कंपनी ने कहा था कि जांच पूरी हो गई है। यह नई घटना जांच के दौरान महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले हादसे की जांच अभी चल रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या पुरानी हो सकती है। बोइंग भी इसकी जांच में मदद कर रहा है।