logo

मूड

ट्रेंडिंग:

कौन हैं अशोक कुमार लाहिड़ी जो बनेंगे नीति आयोग के उपाध्यक्ष?

अशोक कुमार लाहिड़ी सुमन बेरी की जगह लेंगे। लाहिड़ी कोलकाता की प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पढ़े हैं।

news image

अशोक लाहिड़ी । Photo Credit: Social media

शेयर करें

google_follow_us

पश्चिम बंगाल के आउटगोइंग बीजेपी विधायक और जाने-माने अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का अगला उपाध्यक्ष बनाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक यह फैसला शुक्रवार को लिया गया। नीति आयोग भारत सरकार का प्रमुख थिंक टैंक (नीति बनाने वाला संस्थान) है। इसका चेयरपर्सन प्रधानमंत्री होता है, इसलिए उपाध्यक्ष ही इसका असली प्रमुख माना जाता है। 

 

अशोक लाहिड़ी सुमन बेरी की जगह लेंगे। साथ ही, बंगाली वैज्ञानिक गोबर्धन दास को नीति आयोग का नया सदस्य बनाया जाएगा। दोनों की औपचारिक नियुक्ति अभी बाकी है।


अशोक लाहिड़ी कौन हैं?

अशोक कुमार लाहिड़ी कोलकाता की प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पढ़े हैं। उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाया, एशियन डेवलपमेंट बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी में महत्वपूर्ण पद संभाले।

 

विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भी उन्होंने सलाहकार और सीनियर इकोनॉमिस्ट के रूप में काम किया। वह पश्चिम बंगाल विधानसभा में बालुरघाट सीट से बीजेपी विधायक हैं लेकिन इस बार चल रहे चुनाव नहीं लड़ रहे। उन्होंने भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के रूप में भी सेवा की। अटल बिहारी वाजपेयी के समय (दिसंबर 2002) में उनकी नियुक्ति हुई और उन्होंने जून 2007 तक पद संभाला।

 

गोबर्धन दास कौन हैं?

गोबर्धन दास एक प्रमुख इम्यूनोलॉजिस्ट (प्रतिरक्षा वैज्ञानिक) हैं। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), दिल्ली में काम किया और भोपाल के IISER (Indian Institute of Science Education and Research) के डायरेक्टर रहे। वह बीजेपी के सदस्य रह चुके हैं और 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव में पुरबस्थली उत्तर सीट से लड़े थे, लेकिन हार गए।

क्यों महत्वपूर्ण नियुक्ति?

ये दोनों नाम बंगाल से चुने गए हैं, जबकि बीजेपी वहां ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जोरदार मुकाबला कर रही है। यह फैसला बंगाल में बीजेपी की उपस्थिति मजबूत करने का संकेत भी माना जा रहा है। सुमन बेरी मई 2022 से नीति आयोग के उपाध्यक्ष थे। वह एक नीति अर्थशास्त्री हैं और पहले वुड्रो विल्सन सेंटर और ब्रुगेल जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े रहे।

 

Related Topic:

और पढ़ें