हवाई जहाज का तेल सच में दोगुना महंगा हो गया? समझ लीजिए पूरी बात
सरकारी तेल कंपनियों ने बताया है कि जेट फ्यूल 8.5 फीसदी बढ़कर 1.04 लाख रुपये किलोलीटर हो गया है।

एविएशन टर्बाइन फ्यूल का रेट बढ़ा।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसको देखते हुए बुधवार को खबर आई कि एविएशन टरबाइन ईंधन (AFT) यानी हवाई जहाजों के ईंधन की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ातरी हुई है। इसको लेकर केंद्रीय विमानन मंत्री और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भी अटकलों और भ्रांतियों से तस्वीर साफ की है।
पहले खबर सामने आई कि एविएशन टरबाइन ईंधन का रेट रिकॉर्ड दोगुना बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय विमान के ईंधन की कीमत बढ़ाकर रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से भी ज्यादा हो गई। हालांकि, इंडियन ऑयल ने बताया है कि घरेलू ATF की कीमतें लगभग 8.5% बढ़ी हैं। घरेलू विमानन कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय संचालकों की तुलना में करीब आधी कीमत चुकानी होगी।
कितना रेट बढ़ा है?
गैर-निर्धारित (नॉन-शेड्यूल्ड), एडहॉक और चार्टर जैसी अन्य उड़ानों के लिए ATF की कीमत 1,10,703.08 रुपये प्रति किलोलीटर से 114.5 प्रतिशत बढ़ाकर 2,07,341.22 रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई है। बता दें कि विमानों के ईंधन की कीमतें दो दशक से अधिक समय पहले नियंत्रण मुक्त कर दी गई थी और तब से इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानक कीमतों के मुताबिक तय किया जाता है।
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...ताकि घरेलू हवाई यात्रा महंगी न हो
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि विदेशी विमानन कंपनियों और अन्य संचालकों को बाजार आधारित पूरी कीमत देनी होगी, जबकि घरेलू विमानन कंपनियों के लिए कीमतों को नियंत्रित रखा गया है ताकि घरेलू हवाई यात्रा महंगी न हो।
यह पहला मौका है जब ATF की कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर को पार कर गई है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कीमतें बढ़कर करीब 1.1 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर पर पहुंची थीं। ATF कीमतों में एक मार्च को 5.7 प्रतिशत (5,244.75 रुपये प्रति किलोलीटर) की बढ़ोतरी की गई थी।
कुल लागत में ईंधन की हिस्सेदारी कितनी
ईंधन की कीमतों में यह उछाल विमानन कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव डालेगा क्योंकि कुल परिचालन लागत में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी रहती है। साथ ही पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से कई हवाई मार्ग बंद होने से विमानों को लंबे रास्तों से उड़ान भरनी पड़ रही है जिससे ईंधन की खपत भी बढ़ रही है।
केंद्रीय विमानन मंत्री ने क्या कहा?
इस बीच केंद्रीय विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक बयान में कहा कि भारत में ATF की कीमतें 2001 से डीरेगुलेट हैं और अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के आधार पर हर महीने रिवाइज होती हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल एनर्जी दिक्कतों और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की वजह से बहुत ज्यादा दबाव में हैं इसलिए 1 अप्रैल से 100 फीसदी से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी की उम्मीद थी।
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उन्होंने आगे कहा, 'इस मुश्किल हालात में पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत PSU ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने नागर विमानन मंत्रालय से सलाह करके घरेलू एयरलाइंस के लिए सिर्फ 25% (Rs.15/लीटर) की थोड़ी और धीरे-धीरे बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह व्यवारिक और आगे की सोच वाला कदम है। साथ ही यह भी पक्का किया गया है कि विदेशी रूट्स पर पूरी मार्केट के हिसाब से कीमतें हों।'
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कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ीं
इसी के साथ 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी 195.50 रुपये बढ़ा दी गई है। दिल्ली में अब इसकी कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है। घरेलू रसोई गैस के 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में यह 913 रुपये प्रति सिलेंडर मिल रहा है।
सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अंतरराष्ट्रीय मानकों एवं विनिमय दर के आधार पर हर महीने की पहली तारीख को विमानन ईंधन तथा एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं।
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट से वैश्विक तेल कीमतों में करीब 50 फीसदी तक उछाल आ चुका है। वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले साल मार्च में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती के बाद से स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर है।
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