logo

मूड

ट्रेंडिंग:

वित्त मंत्री-प्रधानमंत्री से क्या चाहता है 'महाठग' सुकेश चंद्रशेखर?

धोखाधड़ी मामले में जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र लिखा है। इस लेटर में सुकेश ने अपनी आय का खुलासा किया है।

Sukesh Chandrasekhar letter to nirmala sitharaman

सुकेश चंद्रशेखर, Photo Credit: PTI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक लेटर लिखा है। इसमें उसने निर्मला सीतारमण से अपील की है कि वह अपनी विदेशी आय जो लगभग 22, 410 करोड़ रुपये है, पर 7, 640 करोड़ का टैक्स चुकाना चाहता है। उसने बताया कि इसे उसने 2024-2025 वित्तीय वर्ष में अपनी दो विदेशी कंपनियों से कमाया है। 

कौन सी हैं ये कंपनियां?

सुकेश ने एक पत्र में निर्मला सीतारमण को सूचित किया है कि नेवादा और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में पंजीकृत उनके विदेशी व्यवसाय, एलएस होल्डिंग्स इंटरनेशनल और स्पीड गेमिंग कॉरपोरेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी में शामिल हैं। 

 

सुकेश ने बताया कि उनका कारोबार अमेरिका, स्पेन, ब्रिटेन, दुबई और हांगकांग में एक्टिव है। उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत में लंबित आयकर वसूली की सभी कार्यवाही और अपीलों का निपटारा करने के लिए तैयार हैं।

 

पीएम मोदी के लिए क्या कहा?

सुकेश चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की और कहा, 'पीएम मोदी के नेतृत्व में मैं अपनी विदेशी आय पर टैक्स चुकाकर और उसे देश में निवेश करके भारत के विकास में योगदान देना चाहता हूं।'

 

क्या है लेटर में?

सुकेश ने अपने पत्र में लिखा, 'आज से एक भारतीय होने के नाते, हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी के महान नेतृत्व में, मैं इस महान राष्ट्र के विश्व स्तरीय विकास में अपना योगदान देना चाहता हूं। अब से मैं स्वेच्छा से अपनी विदेशी आय पर भारतीय करों का भुगतान करूंगा और अपनी विदेशी आय को यहां भारत में निवेश करूंगा। इसके लिए मैं वर्ष 2024 के लिए अपनी वैध विदेशी आय 7,640 करोड़ रुपये घोषित कर रहा हूं और तत्काल आधार पर भारतीय कर कानूनों के अनुसार उचित करों का भुगतान करना चाहता हूं।'

 

सुकेश चंद्रशेखर ने लिखा है कि वह एक विचाराधीन कैदी है और उसे दोषी नहीं ठहराया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी विदेशी आय सहित आय वैध है और कर विभाग ने उनकी भारतीय आय पर कार्यवाही शुरू कर दी है। पत्र में आगे लिखा है, 'मैं विचाराधीन कैदी हूं और किसी भी मामले में मुझे दोषी नहीं ठहराया गया है। इसलिए यह कहना गलत होगा कि मेरी कोई भी आय अवैध है। यह उल्लेख करना भी महत्वपूर्ण है कि आपके विभाग ने मेरी भारतीय आय पर कर वसूली की कार्यवाही शुरू की है, जो साबित करती है कि मेरी कमाई वैध है।'


और पढ़ें