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'संसद में कांग्रेस के साथ नहीं बैठना है...', DMK ने लोकसभा स्पीकर को लिखी चिट्ठी

कांग्रेस और TVK के गठबंधन के बाद DMK ने लोकसभा स्पीकर से मांग की है कि उसके सांसदों को लोकसभा में अलग बिठाया जाए। DMK का कहना है कि कांग्रेस से उसका गठबंधन खत्म हो गया है।

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स्टालिन और राहुल गांधी, Photo Credit: ChatGPT

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तमिलनाडु में कांग्रेस के तमिलागा वेट्री कझगम (TVK) के साथ जाने का असर अब संसद में भी दिखने वाला है। तमिलनाडु में कांग्रेस की सहयोगी रही द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) ने लोकसभा स्पीकर से मांग की है कि अब उसके सांसदों को अलग बिठाया जाए। अभी तक INDIA गठबंधन का हिस्सा रही DMK का कहना है कि कांग्रेस से उसका गठबंधन खत्म हो गया है इसलिए उसके सांसदों को अब कांग्रेस के साथ नहीं बैठना है। माना जा रहा है कि इस तरह DMK ने कांग्रेस के साथ केंद्र में भी अपना गठबंधन खत्म करने का एलान कर दिया है।

 

इससे पहले, कांग्रेस ने एक लेटर जारी करके कहा था कि TVK ने उससे समर्थन मांगा है और वह उसके साथ जाने को तैयार है। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने यह भी कह दिया था कि पेरियार और आंबेडकर के रास्ते पर चलते हुए दोनों दल तमिलनाडु में आगामी सभी चुनाव साथ में ही लड़ेंगे। रोचक बात है कि अब तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में डीएमके और कांग्रेस साथ लड़ती आई हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भी दोनों का गठबंधन था और इसी गठबंधन में कांग्रेस को कुल पांच सीटों पर जीत मिली है।

 

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DMK की चिट्ठी में क्या है?

लोकसभा में डीएमके की नेता और सांसद कनिमोई ने स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें लिखा गया है, 'मैं आपसे डीएमके सांसदों के बैठने की व्यवस्था में बदलाव करने की मांग करती हूं। कांग्रेस से हमारा गठबंधन खत्म हो गया है, ऐसे में सदन में हमारे सांसदों का उनके (कांग्रेस के) सांसदों के बैठना उचित नहीं होगा। इसलिए मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आगामी सत्र से पहले हमारे सांसदों के बैठने की व्यवस्था बदल दी जाए और हमें कांग्रेस सांसदों के साथ न बिठाया जाए।'

 

संसद में क्या है स्थिति?

बता दें कि लोकसभा में डीएमके पांचवीं सबसे बड़ी पार्टी है और उसके कुल 22 सांसद हैं। अभी तक INDIA गठबंधन का हिस्सा होने के नाते कांग्रेस और डीएमके के सांसद साथ ही बैठते थे। अक्सर कनिमोई खुद दूसरी पंक्ति की पहली सीट पर बैठती थीं और वह सुप्रिया सुले और डिंपल यादव के साथ बैठी नजर आती थीं। अब डीएमके के अनुरोध के अनुसार बैठने की व्यवस्था में बदलाव के बाद डीएमके के सांसद अलग बैठे नजर आ सकते हैं।

 

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तमिलनाडु में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत ना मिलने के चलते मामला फंस सा गया है। 108 सीटों पर जीती TVK के अनुरोध पर कांग्रेस ने समर्थन का एलान किया है। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने यह भी कहा है कि अब दोनों दल आगामी निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में भी साथ लड़ेंगी। इसका मतलब है कि अब कांग्रेस और डीएमके की राहें अलग हो गई हैं।

 


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