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काबुल से कारगिल तक हिली धरती, अफगानिस्तान में भूकंप से 8 की मौत

पंजाब-हरियाणा के अलावा जम्मू-कश्मीर और कारगिल तक भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। खबरों के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में रहा है।

Earthquake in North India

प्रतीकात्मक फोटो। ( Photo Credit: PTI)

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देश की राजधानी नई दिल्ली समेत उत्तर भारत शुक्रवार की रात भूकंप के झटकों से हिल उठा। पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में भी लोगों ने रात करीब 9:46 बजे भूकंप के झटके महसूस किए। पड़ोसी शहर मोहाली में भी धरती हिलते ही लोग घरों और दफ्तरों से बाहर आ गए।

 

उधर, राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की वेबसाइट के काम न करने की वजह से लोगों को भूकंप के बारे में अधिक जानकारी नहीं मिल पाई। वेबसाइट पर 'सेवा अनुपलब्ध है, यह सर्वर अस्थायी रूप से अनुरोधों को सेवा देने में असमर्थ है। त्रुटि कोड: 95' लिखा है।

 

खबरों के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में रहा। पड़ोसी देश पाकिस्तान के भी कई शहरों में धरती के हिलने से लोगों में दशहत भर गई। वहीं अफगानिस्तान में भूकंप से एक मकान ढह गया। इसमें एक ही परिवार के आठ लोगों की जान गई है और एक बच्चा घायल है।  

 

 

 

अफगानिस्तान के कुंदुज के करीब भूकंप का केंद्र

यूरो-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर और यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक भूकंप का केंद्र हिंदू कुश पर्वत में बसे अफगानिस्तान के शहर कुंदुज से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित था। उत्तरी और पूर्वी अफगानिस्तान में आए भूकंप के झटके दिल्ली तक महसूस किए गए। अभी तक अफगानिस्तान में आठ लोगों की मौत की खबर है। सभी मृतक एक ही परिवार के थे। एक बच्चा घायल भी हुआ है।

पाकिस्तान के कई शहरों में डोली धरती

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से भूकंप का केंद्र करीब 290 किमी दूर है। यहां तक हताहतों की जानकारी पहुंचाने में लंबा वक्त लग जाता है। आशंका है कि सुबह तक मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से करीब 180 किमी गहराई पर स्थित था। उत्तर भारत के अलावा पाकिस्तान पेशावर, चित्राल, शांगला और इस्लामाबाद में भूकंप के झटके महसूस किए गए।

भूकंप ने अफगानिस्तान में ली हजारों की जान

अफगानिस्तान भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। 7 अक्टूबर 2023 को पश्चिम अफगानिस्तान को 6.3 तीव्रता के भूकंप ने हिला कर रख दिया था। इसमें हजारों लोगों की जान गई थी। पिछले साल अगस्त में भी 6.0 तीव्रता का भूकंप आया था। इसने 2200 से अधिक जानें ली थीं। सबसे अधिक तबाही कुनार प्रांत में देखने को मिली थी। नवंबर में दूसरी बार 6.3 तीव्रता के आए भूकंप ने 27 लोगों की जान ली और 950 से अधिक लोगों का चोटिल किया था।

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