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टॉयलट से ही कोर्ट की सुनवाई में शामिल हो गया, लगा 1 लाख का जुर्माना

एक वायरल वीडियो में कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई के दौरान एक शख्स को टॉयलट सीट पर बैठे देखा गया। इस शख्स पर कोर्ट ने अवमानना के आरोप में 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

Gujrat High Court

गुजरात हाई कोर्ट, Photo Credit: Gujrat High Court

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गुजरात हाई कोर्ट की हाल ही में हुई एक वर्चुअल सुनवाई काफी चर्चा में है। इस सुनवाई के दौरान एक व्यक्ति टॉयलट सीट पर बैठकर सुनवाई में हिस्सा लेते दिखाई दिया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अब हाई कोर्ट ने इस शख्स पर ऐक्शन लिया है। सोमवार को गुजरात हाई कोर्ट ने इस व्यक्ति को कोर्ट की अवमानना यानी कंटेप्ट ऑफ कोर्ट का दोषी माना और उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। 

 

यह घटना 20 जून को हुई थी। जस्टिस निरजर एस देसाई एक केस की सुनवाई कर रहे थे। इसी सुनवाई की एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वायरल वीडियो में एक शख्स टॉयलट सीट पर बैठकर कोर्ट की सुनवाई में हिस्सा ले रहा था लेकिन जज का ध्यान उस व्यक्ति पर नहीं गया। वीडियो वायरल होने के बाद कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया और इस शख्स पर कंटेप्ट ऑफ कोर्ट के मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 

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क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें शुरुआत में समद अब्दुल रहमान शाह नाम का एक शख्स दिखाई दे रहा है। समद अब्दुल रहमान शाह ने 20 जून को 74 मिनट तक चली कोर्ट की सुनवाई में हिस्सा लिया था। कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, वह एक FIR को रद्द करने की मांग वाले मामले में पेश हो रहा था। वह एक आपराधिक मामले में शिकायतकर्ता था।

 

हालांकि, दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद कोर्ट ने FIR रद्द कर दी लेकिन इस सुनवाई में हिस्सा लेने के दौरान समद अब्दुल टॉयलट में बैठा दिखाई दिया। उसके गले में ब्लूटूथ ईयरफोन लटका हुआ था। वह 74 मिनट में कुछ देर स्क्रीन से गायब रहा, कुछ देर बाद वह टॉयलट में बैठा हुआ दिखाई दिया। इस व्यक्ति की इन हरकतों को कोर्ट ने कंटेप्ट ऑफ कोर्ट माना और इस पर कंटेप्ट ऑफ कोर्ट का केस दर्ज किया।

कोर्ट ने लगाया जुर्माना

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि समद अब्दुल रहमान शाह ने वर्चुअल कार्यवाही के दौरान की गई गलती को स्वीकार किया है। जस्टिस ए.एस. सुपेहिया और आर.टी. वचानी की दो जजों वाली बेंच ने कहा, 'आरोपी ने अपनी गलती मान ली है और माफी भी मांग ली है। इसलिए इस लेवल पर हम कोर्ट की अवमानना के आरोप में कोर्ट रजिस्ट्री में एक लाख रुपये जमा करने का निर्देश देते हैं। यह राशि अगली सुनवाई से पहले जमा करवानी होगी।' इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 22 जुलाई दे दी है। कोर्ट ने वीडियो को इंटरनेट से हटाने का आदेश भी दिया। 

 

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समद अब्दुल रहमान शाह के वकील ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने समद को अगली सुनवाई के दौरान सही तरीके से कोर्ट सुनवाई में हिस्सा लेने के लिए कहा है। कोरोना महामारी के दौरान गुजरात हाई कोर्ट ने वर्चुअल मोड में सुनवाई शुरू की थी। वर्चुअल सुनवाई के दौरान कोर्ट के यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीम की जाती है।

 

यह पहली बार नहीं है जब वर्चुअल सुनवाई में किसी शख्स ने इस तरह की हरकत की हो। इससे पहले वर्चुअल सुनवाई के दौरान एक वकील बियर पीते हुए नजर आया था। इसके अलावा इसी साल अप्रैल में गुजरात हाई कोर्ट ने एक शख्स पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया था क्योंकि वह वर्चुअल सुनवाई के दौरान सिगरेट पीते हुए देखा गया था।

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