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'निशिकांत दुबे को मेंटल डॉक्टर चाहिए...', बीजू पटनायक पर दिए बयान पर भड़के नवीन

बीजू पटनायक को CIA और जवाहर लाल नेहरू के बीच की कड़ी बताने वाले निशिकांत दुबे के बयान पर अब BJD के नेता नवीन पटनायक भड़क गए हैं।

navin patnaik and nishikant dubey

नवीन पटनायक और निशिकांत दुबे, Photo Credit: Khabargaon

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे अक्सर अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं। रविवार को उन्होंने अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) से देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का कनेक्शन बताया था। उन्होंने दावा किया था कि ओडिशा के पूर्व सीएम बीजू पटनायक CIA और नेहरू के बीच का लिंक थे। अब इसी को लेकर बीजू जनता दल (BJD) के मुखिया नवीन पटनायक ने कहा है कि निशिकांत दुबे को मेंटल डॉक्टर की जरूरत है।

 

बीजू जनता दल (BJD) के संस्थापक रहे बीजू पटनायक 1961 से 1963 और फिर 1990 से 1995 तक ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। अब उनका कनेक्शन CIA से बताने पर उनकी पार्टी के नेता भड़क गए हैं। इससे पहले निशिकांत दुबे ने कहा था कि बीजू पटनायक ने चरबतिया में U2 एयरक्राफ्ट का बेस बनवाया था जहां 1973 से 1979 तक अमेरिकी मिलिट्री रहा करती थी।

क्या बोले नवीन पटनायक?

अब निशिकांत दुबे पर पलटवार करते हुए नवीन पटनायक ने कहा है, 'मैं हैरान था कि निशिकांत दुबे ने बीजू बाबू के बारे में इस तरह की बातें कहीं। मुझे नहीं लगता कि उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री नेहरू ने बीजू बाबू को अपने ऑफिस के बगल में एक दफ्तर दिया था जबकि वह ओडिशा के मुख्यमंत्री थे। इसकी वजह थी कि वह (बीजू) चीन से लड़ने की रणनीति बनाने में मदद कर रहे थे। मैं सिर्फ 13 साल का था लेकिन मुझे याद है कि बीजू बाबू उस समय चीन पर कितने भड़के हुए थे और उन्होंने चीन के हमलों को रोकने के लिए क्या-क्या काम किया।'

 

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उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि निशिकांत दुबे को मेंटल डॉक्टर की जरूरत है। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि एक कल एक महिला विधायक पर भुवनेश्वर में हमला हुआ है। यह ना सिर्फ हैरान करने वाला है बल्कि यह अलोकतांत्रिक भी है।'

निशिकांत दुबे ने क्या कहा था?

 

इससे पहले निशिकांत दुबे ने भारत-चीन युद्ध का जिक्र करते हुए पंडित नेहरू और कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए मांग की थी कि कांग्रेस को इस पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा था, 'अमेरिका को लगता था कि एक न एक दिन चीन तिब्बत पर कब्जा कर लेगा। इसलिए उसने अपने सैनिक और CIA एजेंट्स को तिब्बत भेजा। दलाई लामा और उनकी भाई लगातार अमेरिकी सरकार के संपर्क में थे। नेहरू ने 1962 में चीन के खिलाफ पूरी लड़ाई अमेरिकी पैसों और CIA एजेंट्स की मदद से लड़ी। उस समय ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे बीजू पटनायक, नेहरू, CIA और अमेरिकी सरकार के बीच का लिंक थे।'

 

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उन्होंने आगे कहा था, 'अधिकारियों को भी इस बारे में जानकारी थी। आज मैंने दो नेहरू की दो चिट्ठियां जारी की हैं, जिसमें वह अपने अधिकारियों और खासकर अमेरिकी राजदूत को अपना काम करने को कह रहे हैं। वह कहते हैं कि हमने बीजू पटनायक को एक बड़े काम के लिए भेजा है और वह रक्षा मामलों पर चर्चा कर रहे हैं। 1962 का युद्ध हारने के बावजूद पंडित नेहरू को शांति नहीं मिली थी। 1964 में जब नेहरू जिंदा थे तभी नंदा देवी में एक न्यूक्लियर डिवाइस इंस्टॉल की गई थी और वह आज तक नहीं मिली है। उसी का नतीजा है कि पूरा गंगा तराई क्षेत्र कैंसर से जूझ रहा है।'

 

बीजू पटनायक का जिक्र करते हुए निशिकांत दुबे ने आगे कहा था, 'ओडिशा के चरबतिया एयरपोर्ट के मामले में बीजू पटनायक काफी सक्रिय थे। वहीं पर U2 स्पाई प्लेन बनाया गया, U2 बेस बना और 1963 से 1979 तक वह एयरपोर्ट अमेरिकी सेना का बेस रहा। इसके लिए कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।'


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