भारतीय रेलवे ने इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) वंदे भारत एक्सप्रेस में खाना परोसने वाली कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। रेलवे ने यह कार्रवाई यात्रियों की शिकायत पर की है जिसमें खाने में जिंदा कीड़े होने का दावा किया गया था। रेलवे ने अब आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, वहीं संबंधित वेंडर यानी कैटरिंग कंपनी पर 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही उस वेंडर का कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म करने का आदेश दे दिया है।
रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा, '15 मार्च को ट्रेन संख्या 21896 (पटना – टाटानगर वंदे भारत एक्स) में पाई गई अनियमितता के संबंध में यात्री की ओर से भोजन की गुणवत्ता पर की गई शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। संबंधित सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना और कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेशन के आदेश दिए हैं।'
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क्या है पूरा मामला?
पटना से टाटानगर के बीच चलने वाली ट्रेन में यात्रियों को परोसे गए खाने की क्वालिटी को लेकर 15 मार्च को एक शिकायत सामने आई थी। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें जो खाना दिया गया, उसमें कीड़े पाए गए। घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और रेलवे सवालों के घेरे में आ गया। इस मामले में जिस यात्री ने शिकायत की थी उन्होंने बताया कि डिनर में परोसी गई दाल और दही में जीवित कीड़े नजर आए. पहले तो इस बात को नजरअंदाज किया गया, लेकिन जब यात्रियों ने खुद अपनी आंखों से प्लेट में कीड़े चलते हुए देखे, तो उन्होंने तुरंत इसका विरोध किया।
11 दिन पुराना खाना परोसा
वीडियो में देखा जा सकता है कि जब यात्रियों ने पैंट्री अटेंडेंट से जवाब मांगा तो उसने स्वीकार किया कि दही के कप 4 मार्च को बने थे और उन्हें 15 मार्च को परोसा जा रहा था। जब यात्रियों ने एक्सपायरी डेट को लेकर सवाल किया तो कर्मचारी ने लापरवाही भरा जवाब देते हुए कहा कि यह एक्सपायरी नहीं, मैन्युफैक्चरिंग डेट है। यात्रियों का गुस्सा इस बात पर था कि परोसने से पहले गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं की गई। आरोप है कि जब यात्रियों ने पैंट्री मैनेजर से शिकायत की, तो उसने शुरुआत में इसे केसर बताकर टालने की कोशिश की लेकिन बाद में लिखित शिकायत देने की बात कहने लगा।
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जांच में क्या सामने आया?
इस मामले में विवाद बढ़ा तो रेलवे ने जांच शुरू कर दी। रेलवे की जांच में पाया गया कि खाने की क्वालिटी निर्धारित मानकों के हिसाब से नहीं थी। इसके बाद रेलने ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आईआरसीटीसी और वेंडर दोनों पर जुर्माना लगाया है। रेलवे ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। रेलने ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।