logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'भारत का धन्यवाद', युद्ध के बीच ईरान ने क्यों की मोदी सरकार की तारीफ?

पूरा मध्य पूर्व जंग में तब्दील हो चुका है। इजरायल-अमेरिका की बमबारी तेहरान पर जारी है। ईरान भी जवाबी हमले करने में जुटा है। इस बीच ईरान ने भारत का धन्यवाद किया है।

Iran India

ईरान ने भारत का किया धन्यवाद। (Photo Credit: X/MEA)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

हिंद महासागर में IRIS डेना घटना के बाद नेवी वेसल IRIS लवन के कोच्चि में डॉक करने पर ईरान ने भारत को धन्यवाद दिया। अमेरिका ने हाल ही में श्रीलंका के करीब अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी नौसेना पोत IRIS देना को टॉरपीडो से डुबो दिया था। इसमें 87 लोगों की जान गई। वहीं श्रीलंका की नौनेसा ने 32 लोगों को बचा लिया है।

 

इस बीच हिंद महासागर में मौजूद दूसरे ईरानी पोत IRIS लवन को भारत ने अपने पोर्ट में शरण दी है। टेक्निकल और लॉजिस्टिक अरेंजमेंट की खातिर इसे कोच्चि पोर्ट पर डॉक किया गया है। इस मामले में भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भारत का धन्यवाद अदा किया।

 

यह भी पढ़ें: 'यूरोप पर भी हमला करेंगे', ईरान ने दी बड़ी धमकी; 8वें दिन जंग के हालात कैसे?

 

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में ईरानी राजदूत ने कहा, हम भारत सरकार और भारत के लोगों को उनके कीमती समर्थन और सहयोग के लिए धन्यवाद देते हैं। हमें विश्वास है कि तेहरान और नई दिल्ली के बीच ऐतिहासिक और अच्छे रिश्ते भविष्य में भी बढ़ते और मजबूत होते रहेंगे। 

 

 

 

IRIS देना मामले की हो रही जांच: ईरान

उन्होंने आगे कहा कि हिंद महासागर के पानी में ईरानी पोत IRIS देना से जुड़ी दुखद घटना के बाद  ईरान चालक दल के सदस्यों की स्थिति पर नजर रख रहा है। इस घटना के अलग-अलग पहलुओं की जांच की जा रही है। इस संदर्भ में एक और ईरानी पोत IRIS लवन को टेक्निकल और लॉजिस्टिक अरेंजमेंट की खातिर भारत के कोच्चि पोर्ट पर डॉक किया गया है। 

 

यह भी पढ़ें: पड़ोसी देशों से पेजेश्कियन ने मांगी माफी, कुछ देर बाद ही IRGC ने हमला कर दिया

 

'यह दोस्ताना रिश्तों को दिखाता है'

मोहम्मद फतहली ने कहा कि मैं इस मौके पर भारत सरकार और स्थानीय अधिकारियों को इस पोत की डॉकिंग को आसान बनाने और क्रू को सपोर्ट करने में उनके सहयोग के लिए दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं। इन मुश्किल हालात में भारतीय अधिकारियों का बेहतरीन समन्वय और सहयोग हमारे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना रिश्तों को साफ तौर पर दिखाता है।

28 फरवरी को मांगी थी डॉकिंग की अनुमति

बता दें कि 28 फरवरी को ईरानी पोत ने भारत से संपर्क किया था। पोत में तकनीकी दिक्कत होने के कारण कोच्चि पोर्ट पर डॉकिंग का अनुरोध किया है। 1 मार्च को डॉकिंग की अनुमति मिल गई थी। 4 मार्च को IRIS लवन कोच्चि पोर्ट पर डॉक हुआ। जहाज के 183 क्रू सदस्य कोच्चि में ही ठहरे हैं। 


और पढ़ें