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लश्कर के 3 आतंकियों की तलाश, 15 घंटे से गोलीबारी, ऑपरेशन ट्राशी-I का अंजाम क्या?

किश्तवाड़ के छतरू इलाके के सिन्नार गांव में घेराबंदी और तलाशी अभियान चल रही है। आतंकियों की पहचान हो गई है, रविवार से ही एनकाउंटर जारी है।

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कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बल। Photo Credit: PTI

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार को सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। यह घटना सिंहपोरा इलाके में छतरू के पास सोनार गांव के जंगलों में हुई है। आंतकी यहां छिपे हैं, रविवार शाम से ही आतंकियों को सुरक्षाबल तलाश रहे हैं। सुरक्षा बलों ने 'ऑपरेशन ट्राशी-I' के तहत दोपहर के समय इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही जवानों ने आतंकियों को घेरा, तो आतंकियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी और ग्रेनेड भी फेंके। 

पाकिस्तान समर्थित जैश-ए-मोहम्मद के 2 से 3 विदेशी आतंकी इस मुठभेड़ में शामिल हैं। मुठभेड़ में कई जवान घायल हो गए। अलग-अलग खबरों में 3 से 8 जवानों के घायल होने की बात कही गई है। ज्यादातर घायल ग्रेनेड विस्फोट से हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

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कई जवान हो चुके हैं घायल 

कुछ गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट भी किया गया। सेना ने कहा कि जवानों ने बहुत बहादुरी और पेशेवर तरीके से दुश्मन की गोलीबारी का जवाब दिया। इलाके में और ज्यादा फौज भेजी गई है ताकि घेराबंदी मजबूत हो और आतंकियों को पूरी तरह नेस्तनाबूद किया जा सके। 

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क्यों बच रहे हैं आतंकी?

यह इलाका पहाड़ी है और घने जंगल हैं। सर्दियों में आतंकी यहां छिपने की कोशिश करते हैं। हाल के महीनों में किश्तवाड़ और आसपास के इलाकों में कई बार एनकाउंट हो चुका है। सेना ने अब नई रणनीति अपनाई है, जिसमें सर्दियों में भी ऊंचे इलाकों में ऑपरेशन तेज किए जा रहे हैं और ड्रोन, थर्मल इमेजिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। 

ऑपरेशन अभी भी जारी है। 

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