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झांसी अग्निकांड की होगी तीन-स्तरीय जांच, दी जाएगी 5 लाख की सहायता राशि

झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हुए अग्निकांड की तीन-स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है।

Jhansi Medical College fire

झांसी मेडिकल कॉलेज में लगी आग की होगी जांच। (Pic Credit- PTI)

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उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के बच्चों के वार्ड में शुक्रवार रात आग लगने से 10 नवजात बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और घटना की तीन-स्तरीय जांच कराने का आदेश दिया है।

अस्पताल आग कैसे लगी?

झांसी के जिलाधिकारी अविनाश कुमार के अनुसार, आग रात करीब 10:45 बजे नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। NICU के बाहरी हिस्से में मौजूद बच्चों को तुरंत बचा लिया गया, लेकिन अंदर के हिस्से में मौजूद कुछ बच्चों को नहीं बचाया जा सका। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये बताया गया है कि ये आग नर्स की लापरवाही लगी थी।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की और घटना की जांच के लिए झांसी के संभागीय आयुक्त और पुलिस उपमहानिरीक्षक को 12 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

 

इसके साथ मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। झांसी के संभागीय आयुक्त, पुलिस DIG, और अग्निशमन विभाग को घटना की जांच सौंपी गई है। इसके अलावा, मजिस्ट्रेट जांच का भी आदेश दिया गया है।

राहत और बचाव कार्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना के तुरंत बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को घटनास्थल पर भेजा गया। डिप्टी सीएम ने बताया कि 16 बच्चों का अन्य वार्डों में इलाज चल रहा है। इन बच्चों की उम्र तीन से चार दिन है और उन्हें वॉर्मर पर रखा गया है। पुलिस और प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि NICU में भर्ती सभी बच्चों का सही विवरण मिले। पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने बताया कि हादसे के वक्त NICU में करीब 52-54 बच्चे थे। इनमें से कुछ बच्चों को उनके माता-पिता घर ले गए, जिसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

डिप्टी सीएम ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ। नरेंद्र सेंगर ने बताया कि जो बच्चे आग या दम घुटने से प्रभावित नहीं हुए हैं, उनका इलाज जारी है।


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