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सरकार बदली, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के हालात कब बदलेंगे?

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में सड़कों पर जलभराव एक बड़ी समस्या बन गई है। बच्चे हर दिन गंदे पानी के संपर्क में आते है, जिससे गंभीर बीमारी होने की समस्या बढ़ जाती है।

northeast Delhi sewage water Delhi issue

दिल्ली जलभराव, Photo Credit: PTI

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कम से कम एक साल से उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास में दो स्कूलों के बाहर 800 मीटर लंबी सड़क गड्ढों और सीवेज के पानी से भरी हुई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बच्चे इसके कारण स्कूल नहीं जा पाते हैं। दरअसल, श्री राम कॉलोनी की सड़क पर कम से कम दो स्कूल स्थित हैं। एक दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का प्री-प्राइमरी स्कूल और दूसरा  सर्वोदय बाल विद्यालय/सर्वोदय कन्या विद्यालय (एसबीवी/एसकेवी)। 

 

एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से 42 वर्षीय हसमत अली ने बताया कि उनका बेटा एसबीवी में पढ़ता है लेकिन जलभराव होने के कारण स्कूल जाना खतरनाक हो जाता है। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी पानी घुटनों तक भर जाता है।' 51 वर्षीय एक अन्य दिनेश कुमार ने बताया कि उनका एक बच्चा प्री-प्राइमरी स्कूल में पढ़ता है और लगभग हर रोज सीवेज के पानी के संपर्क में आता है।

 

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स्कूल के ठीक सामने ट्रांसफॉर्मर

एसबीवी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्कूल के एक गेट के ठीक सामने एक ट्रांसफॉर्मर भी रखा हुआ है, जहां जलभराव होता है, जो सभी के लिए बेहद खतरनाक है। अधिकारी ने दावा किया कि ट्रांसफॉर्मर को दूसरी जगह लगाने के लिए शिकायत दर्ज कराई गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

 

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नाले के पास से हर दिन गुजरते बच्चे 

स्कूल से लौटते समय छात्र सड़क के किनारे चलते है और नाले के पास से गुजरते है। वकील और कार्यकर्ता अशोक अग्रवाल ने कहा, 'लंबे समय तक जलभराव से अस्वच्छता की स्थिति पैदा होती है, जिससे मच्छर जनित बीमारियां फैलती हैं। इससे छात्रों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा होता है।'

 

उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संबंध में डीडीए, एमसीडी और पीडब्ल्यूडी सहित कई अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई है। जब एमसीडी के एक अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने कहा, 'सड़क किसके अधिकार क्षेत्र में आती है, इसके आधार पर हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे।'


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