logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'नक्कटा, लाहौर में दुकान खोल ले', लेंसकार्ट विवाद पर बोले धीरेंद्र शास्त्री

लेंसकार्ट मामले में बाबा बागेश्वर धाम ने कंपनी को कहा कि लाहौर में खोल लें। आरोप के मुताबिक कंपनी ने अपने कर्मचारियों को तिलक लगाने, बिंदी लगाने के लिए मना किया था।

news image

बाबा बागेश्वर । Photo Credit: PTI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Advertisement

चश्मा बेचने वाली लोकप्रिय कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड विवाद ने पूरे देश में तूफान खड़ा कर दिया है। हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, जबकि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) के तीखे बयान ने इस मुद्दे को नया एंगल दे दिया है। बाबा ने कंपनी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अगर तिलक, सिंदूर और मंगलसूत्र पर आपत्ति है तो अपनी कंपनी लाहौर में खोल लो। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रयागराज में कथा के दौरान लेंसकार्ट मामले पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, 'एक कंपनी है लेंसकार्ट, उसने अपने वर्करों को बोला है कि हमारे यहां कोई तिलक लगाकर नहीं आ सकता, मंगलसूत्र पहनकर नहीं आ सकता, सिंदूर लगाकर नहीं आ सकता,। अरे ठठरी के बरे, नक्कटा, तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले। भारत में काहे को मर रहा है? तेरे कक्का को भारत है का? हमारे तो बाप का भारत है।'

 

यह भी पढ़ें: हिजाब मंजूर, तिलक-बिंदी पर रोक? Lenskart विवाद पर पीयूष बंसल ने दी सफाई

लाहौर जाने की सलाह दी

बाबा ने आगे कहा कि जिन्हें तिलक से, चंदन से, राम से, श्याम से, हनुमान से या बाबा बागेश्वर से दिक्कत है, वे पतली गली से लाहौर खिसक जाएं। उन्होंने लेंसकार्ट वालों को चेतावनी देते हुए कहा, 'बेटा गड़बड़ हो गए हो तुम। अभी भी मौका है, सुधर जाओ। वरना भारत का कानून सुधार भी देता है। यूपी की पुलिस तो ऐसे ही फेमस है, गाड़ी पलट देती है।' यह बयान सुनते ही वहां के लोगों ने जोश में भरकर नारेबाजी की।

 

 

इस बीच इसके विरोध में एमपी में भी जोरदार देखने को मिला। भोपाल, उज्जैन समेत कई शहरों में बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने लेंसकार्ट शोरूम के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता शोरूम में जाकर कर्मचारियों को तिलक लगा रहे हैं और गेट पर भगवान की तस्वीरें चिपका रहे हैं। उनका कहना है कि यह पॉलिसी हिंदुत्व के खिलाफा है।

 

हालांकि, बढ़ते दबाव के बाद लेंसकार्ट ने माफी मांग ली है और सभी धर्मों के कर्मचारियों को अपनी आस्था के अनुसार पोशाक, तिलक, सिंदूर या अन्य प्रतीक पहनने की अनुमति दे दी है। कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि वह किसी भी धर्म के हर प्रतीक का स्वागत करती है जिसे हमारे टीम सदस्य धारण करते हैं जैसे कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब, पगड़ी तथा अन्य चीजें।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लेंसकार्ट के एक इंटरनल फैसले के वीडियो वायरल हुए, जिसमें कर्मचारियों को तिलक, मंगलसूत्र और सिंदूर लगाकर आने से मना किया गया था। हिंदू संगठनों ने इसे हिंदू संस्कृति पर हमला बताया और देश भर में प्रदर्शन शुरू कर दिए। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों में लेंसकार्ट स्टोर्स के बाहर नारेबाजी, पोस्टरबाजी और धरने देखने को मिले। कुछ जगहों पर शोरूम के गेट पर ताले भी जड़ दिए गए।


यह भी पढ़ें: क्या हैं बागेश्वर धाम से जुड़ी मान्यताएं, जहां पहुंचे थे पीएम मोदी

 

देशभर में बाद से बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, शिवसेना और अन्य हिंदू संगठन एकजुट हो गए हैं। उन्होंने लेंसकार्ट के बहिष्कार की अपील की है। सोशल मीडिया पर #BoycottLensKart हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। कई इन्फ्लुएंसर्स ने भी इस पर वीडियो बनाए हैं।

Related Topic:

और पढ़ें