बीजेपी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को शनिवार को राज्यसभा की 'याचिका समिति' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राघव चड्ढा हाल ही में आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। उनके साथ में आम आदमी पार्ची के छह राज्यसभा सांसदों ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया था।
बीजेपी में आने के बाद राघव चड्ढा को सरकार की तरफ से पहली नियुक्ति मिली है। राज्यसभा की याचिका समिति में राघव के अलावा हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभु शरण पटेल, मयंक कुमार नायक जैसे सांसदों को सदस्य बनाया गया है।
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एक अधिसूचना में कहा गया कि राज्यसभा के सभापति ने समिति का पुनर्गठन किया है जो 20 मई से प्रभाव में है।
राज्यसभा की याचिका समिति काम क्या करती है?
- राज्यसभा की याचिका समिति का काम सदन के सामने पेश की गई याचिकाओं की जांच करती है।
- यह समिति कार्यपालिका के काम से संबंधित विशेष सार्वजनिक शिकायतों या सामान्य सार्वजनिक महत्त्व के मामलों की जांच करती है।
- जांच के बाद समिति जो सुझाव या निष्कर्ष निकालती है, उनकी रिपोर्ट राज्यसभा के सामने रखने में अध्यक्ष प्रमुख भूमिका निभाता है।
- यह समिति नागरिकों के लिए एक औपचारिक मंच के तौर पर काम करती है।
- समिति की बैठकें बुलाना और संचालन करना। अध्यक्ष समिति की बैठकों की अध्यक्षता करता है और चर्चा को दिशा देता है।
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कब छोड़ी आम आदमी पार्टी?
बता दें कि राघव चड्ढा पंजाब से आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। वह AAP चीफ अरविंद केजरीवाल की कोर टीम के सदस्य थे। मगर, पिछले महीने 24 अप्रैलको उन्होंने आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से ज्यादा यानी कुल सात राज्यसभा सांसदों के साथ पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए।