देशभर में एलपीजी का संकट गहराने लगा है। बुकिंग के बावजूद लोगों को डिलीवरी नहीं मिल पा रही है। महाराष्ट्र के पुणे और यूपी के गोरखपुर में लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। हर कोई गैस एजेंसी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करने में जुटा है। पटना, कोटा और दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं। उनके पांच किलो वाले सिलेंडर भी रीफिल नहीं हो पा रहे हैं।
दिल्ली और नोएडा में रेहड़ी से होटल तक वालों ने खाने के दामों में इजाफा कर दिया है। दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में कई दुकानदारों ने 10 से 30 रुपये तक खाने का रेट बढ़ा दिया है। जमिया नगर में छोले कुल्चे और बिरयानी के दाम में 10 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। नोएडा के सेक्टर-98 में दुकानदारों ने 10 रुपये वाली चाय की कीमत 15 रुपये कर दी है। नोएडा में ही गैस संकट से पहले 30 रुपये में छह पूड़ी और सब्जी मिलती थी। अब लोगों को 40 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है।
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बंद हो रहे भंडारे और लंगर, गरीब कहां खाना खाएंगे?
देशभर में बड़ी संख्या में धार्मिक संस्थाएं भंडारे और लंगर का आयोजन करती हैं। जहां लाखों गरीब और जरूरतमंदों का पेट भरता है। मगर अब उनके सामने भी संकट आ खड़ा हुआ है। पश्चिम बंगाल में बरगाभीमा मंदिर में 21 मार्च से 30 अप्रैल तक प्रसाद नहीं पकाया जाएगा। यहां रोजाना 800 से अधिक भक्तों को प्रसाद मिलता था।
बेंगलुरु में भी गैस संकट के कारण अन्नप्रसादम तैयार करने में मंदिर प्रबंधन को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बानाशंकरी मंदिर में 11 मार्च से प्रसाद और निशुल्क मिलने वाले भोजन पर रोक लगा दी गई। एलपीजी संकट के कारण अयोध्या में राम रसोई को बंद करना पड़ा। यहां करीब 10 हजार भक्तों को खाना मिलता था।
भंडारा संचालकों ने क्या बताया?
- दिल्ली के लाजपत नगर में श्री साईं भंडारा ट्रस्ट हर मंगलवार और गुरुवार को भंडारे का आयोजन करता है। बात करने पर यहां के अशोक पुरी ने बताया कि आज (12 मार्च) का काम हो गया है। मगर कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से पूरी उम्मीद है कि अगली बार भंडारे को टालना पड़ सकता है।
- पंचकूला के सेक्टर-20 लंगर कमेटी से जुड़े योगेंद्र क्वात्रा ने बताया कि उनकी कमेटी 2018 से लंगर का आयोजन करती है। हर त्योहार और खास मौकों पर लंगर लगाया जाता है। पिछला लंगर 7 मार्च को आयोजित किया गया था। अब अगला लंगर 23 मार्च को होना है। बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। देखते हैं कि आगे क्या होता है। कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से असर पड़ सकता है।
- दिल्ली के ही रोहिणी सेक्टर-24 में जीवन सागर सेवा समिति भंडारे का आयोजन करती है। दीपक बंसल ने बताया कि उनके यहां मासिक भंडारा चलता है। अभी तक सिलेंडर की वजह से कोई दिक्कत नहीं आई।
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श्मशान बंद, हॉस्टल में लकड़ी से बन रहा खाना
केरल में सरकार ने उन श्मशान घाटों को बंद कर दिया है, जहां गैस से काम होता था। कोटा के कई हॉस्टल में अब लकड़ी और कोयले वाले स्टोव से खाना बनाना शुरू किया गया है। कोटा हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल का कहना है कि करीब दो लाख छात्र हॉस्टल में रहते हैं। मंगलवार से गैस की सप्लाई नहीं मिली है। कोयले और लकड़ी से खाना बनाया जा रहा है।
बिहार के कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतार देखने को मिली। शिवहर जिले के लचका पुल के पास लोगों ने प्रदर्शन किया और सिलेंडर की कालाबाजारी का आरोप लगाया। प्रशासन का दावा है कि एलजीपी की कोई कमी नहीं है। पटना में प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 0612-2219810 जारी किया। इस पर लोग सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक अपनी शिकायत कर सकते हैं।