आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर विदेश और राजनीतिक दलों से फंडिंग लेने के आरोप लगाए है। शिकायत दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने 25 फरवरी 2026 को बयान जारी करके दावा किया है कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं जो आरोपियों को जेल पहुंचाएंगे। उन्होंने पुलिस अधिकारी के साथ अपनी वायरल फोटो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी फर्जी तस्वीर करार दिया है। यह कानूनी विवाद नाबालिग शिष्यों के शोषण के आरोपों और एक-दूसरे के आपराधिक इतिहास को लेकर शुरू हुआ है। आशुतोष ने इसे 'धार्मिक लड़ाई' बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाए कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सनातन धर्म की आड़ में विदेशों और कुछ राजनीतिक दलों से फंडिंग प्राप्त करते हैं। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर स्थित विद्यामठ समेत अन्य स्थानों पर भी यौन शोषण की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल, नेता या वीआईपी का नाम सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं किया है।
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वायरल फोटो को बताया एआई जनरेटेड
आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी दावा किया कि अविमुक्तेश्वरानंद के गुरु को शंकराचार्य की उपाधि नहीं मिली थी। प्रयागराज के एक पुलिस अधिकारी के साथ वायरल हो रही तस्वीर पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि वह एआई तकनीक से तैयार की गई है। उन्होंने इस मामले में न्यायालय जाने की बात कही और खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह न तो हिस्ट्रीशीटर हैं और न ही उनके खिलाफ कोई अपराध सिद्ध हुआ है। उनका आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।
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21 मुकदमों की सूची को बताया फर्जी
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष ब्रह्मचारी को आपराधिक इतिहास वाला व्यक्ति बताया था। इसके जवाब में आशुतोष ब्रह्मचारी ने चुनौती दी है कि स्वामी कोई भी ऐसा अदालती सबूत पेश करें जो उन्हें अपराधी साबित करे।आशुतोष का कहना है कि उनके खिलाफ 21 मुकदमों की जो लिस्ट वायरल की गई है, वह पूरी तरह फर्जी है और पुलिस ने भी ऐसी किसी सूची की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद पीड़ित नहीं बल्कि केवल एक 'सूचनाकर्ता' हैं जो बटुकों (बच्चों) को न्याय दिलाना चाहते हैं।
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अयोध्या स्थित श्री संकट मोचन हनुमान किला के महंत परशुराम दास ने विवाद को राजनीतिक रंग न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संत समाज की एकता बनाए रखने के लिए अखाड़ों को पहल करनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।