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लाल किला ब्लास्ट के बाद कहां तक पहुंची जांच? 5 पॉइंट्स में समझिए

दिल्ली में लाल किला मेट्रो के पास हुए बम धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच तेज कर सुराग तलाश रही हैं। इसमें उत्तर भारत के कई शहर जैसे पुलवामा, कानपुर, हापुड़, नूंह और फरीदाबाद शामिल हैं।

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लाल किला ब्लास्ट, Photo Credit- Social Media

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दिल्ली में लाल किला मेट्रो के पास हुए बम धमाके के बाद से लगातार सुरक्षा एजेंसियां जांच में लगी हैं। इस सिलसिले में पुलिस उत्तर भारत के कई शहरों और कस्बों में पहुंच कर जांच की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। इनमें जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, उत्तर प्रदेश के कानपुर और हापुड़ और हरियाणा के नूंह और फरीदाबाद शामिल है।

 

सबसे बड़ा अपडेट शुक्रवार सुबह आया जहां जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने पुलवामा के कोइल गांव में डॉ. उमर नबी के घर को गिरा दिया। धमाके के बाद हुए DNA टेस्ट से डॉ. उमर नबी की ब्लास्ट में मौजूदगी की पुष्टि  हुई थी। इस धमाके में कम से कम 10 लोग मारे गए थे और अन्य घायल हुए। सरकार ने इसके बाद तुरंत जांच के आदेश दिए जिसके तहत अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और साथ ही कई जगहों पर छापे भी मारे गए हैं। 

 

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इस मामले से कुछ बड़े अपडेट

  • पहला- सबसे बड़ा अपडेट जिसमें जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के कोइल गांव में मौजूद डॉ. उमर नबी के घर को गिरा दिया गया। उमर फरीदाबाद में अल-फलाल यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर के रुप में काम करता था।  जांच में पता चला कि उमर डॉ. मुजम्मिल शकील गनई और डॉ. अदील राठेर से जुड़ा हुआ था। इन लोगों को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों पर फरीदाबाद में 2,900 किलोग्राम से अधिक अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर, टाइमर और असॉल्ट राइफलें जमा करने का आरोप था।

  • दूसरा- इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है जिसमें फरीदाबाद में अल-फलाल यूनिवर्सिटी के दो डॉक्टर और दो कर्मचारी शामिल हैं। दो डॉक्टर जिसमें कानपुर के 32 साल के हर्ट स्पेशलिस्ट डॉ. मोहम्मद आरिफ मीर और हापुड़ के जीएम मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग स्पेशलिस्ट डॉ. फारुख जो मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। जम्मू-कश्मीर ATS ने पुष्टि की है कि दोनों को डॉक्टर डॉ. शाहीन शाहिद से संबंधों के संदेह में हिरासत में लिया गया थाएजेंसियां एक अन्य डॉक्टर की भी तलाश रही है जो अन्य संदिग्धों के साथ तुर्की गया थाहिरासत में लिए गए लोगों को NIA को सौंप कर पूछताछ के लिए दिल्ली भेज दिया गया है।  

  • तीसरा- अल फलाल मेडिकल कॉलेज और फरीदाबाद के यूनिवर्सिटी जांच के घेरे में हैं। जांचकर्ताओं ने लाल किला विस्फोट की चल रही जांच के तहत 2019 तक के रिकॉर्ड मांगे हैं। NIA के अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी से उसके लेन-देन के बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी है। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी डॉक्टर अपने पदों का दुरुपयोग दूसरों की भर्ती करने, धन जुटाने के लिए करते थे।

 

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  • चौथा- विस्फोटक कहां से आए इसकी जांच के लिए हरियाणा के नूंह जिले के बसई मेव गांव और फरीदाबाद, गुरुग्राम और सहारनपुर के आसपास के इलाकों में खरीद नेटवर्क का पता लगाया गया है। उनके मेंबर के फर्टिलाइजर और अमोनियम नाइट्रेट की खरीद के बारे में अधिकारियों ने पता लगाया। जांच के दौरान पता चला कि उमर और एक अन्य ने नूंह में फर्टिलाइजर की दुकानों पर फार्महाउस मालिकों के रूप में काम किया। नूंह में पिछले 3-4 महीनों में कम मात्रा में NPK फर्टिलाइजर खरीदना शुरू किया था। अधिकारियों ने कहा कि मॉड्यूल ने सामूहिक रूप से 26 क्विंटल से अधिक NPK और 1000 किलोग्राम से अधिक  अमोनियम नाइट्रेट खरीदने के लिए 20 लाख रुपये जुटाए।
  • पांचवा- जांचकर्ताओं ने चल रही जांच में एक सिल्वर मारुति ब्रेजा जब्त की है। यह गाड़ी इस साल 25 सितंबर को डॉ. शाहीन शाहिद के नाम से रजिस्टर्ड किया गया था और जांच के दायरे में आने वाला यह चौथी गाड़ी है। इसमें डॉ. उमर उन-नबी की सफेद हुंडई i20 शामिल है, जिससे लाल किले के बाहर विस्फोट हुआ था। फरीदाबाद के एक गांव से लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट और शाहिद की मारुति स्विफ्ट डिजायर मिली जिसका इस्तेमाल विस्फोटक ले जाने के लिए किया गया था।

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