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फरवरी में भी पड़ सकती है जनवरी जैसी ठंड, मौसम विभाग ने क्या बताया?

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण आने वाले दो-तीन दिनों में उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। पहाड़ों पर बर्फबारी और ओलावृष्टि के साथ-साथ मैदानी राज्यों में बारिश होने के आसार है। 

Snowfall in Shimla

शिमला में बर्फबारी, Photo Credit- PTI

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देश के उत्तरी-पश्चिमी राज्यों में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिलेगा। जहां पश्चिमी विक्षोभ के कारण 26 से 28 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है। वहीं 27 जनवरी को कुछ स्थानों पर भारी बारिश या भारी बर्फबारी के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है। साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।


कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ  बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, 30 जनवरी, 2026 की रात से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।

 

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पिछले 24 घंटों में कोहरा

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा। इन जगहों पर विजिबिलिटी बहुत कम हो गई और कई स्थानों पर यह 50 मीटर से भी नीचे रही। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, पंजाब, पूर्वी मध्य प्रदेश और मेघालय के कुछ हिस्सों में भी घना कोहरा देखा गया। यहां दृश्यता 50 से 199 मीटर के बीच दर्ज की गई।

 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सरसावा IAF में विजिबिलिटी शून्य रही, जबकि नजीबाबाद में यह 50 मीटर दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज IAF में भी विजिबिलिटी शून्य रही। उत्तराखंड में रुड़की, रोशनाबाद और लक्सर में विजिबिलिटी केवल 20 मीटर रही, वहीं पंतनगर और काशीपुर में 50 मीटर दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में विजिबिलिटी 50 मीटर रही।

 

कुल मिलाकर कई राज्यों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


वहीं शीत लहर की बात करें तो मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में शीत लहर से गंभीर शीत लहर की स्थिति बनी रही। हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान और हरियाणा के कुछ हिस्सों में शीत लहर दर्ज की गई। साथ ही पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति बनी रही।

 

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बदलता तापमान

मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 1 से 4 डिग्री सेल्सियस रहा। पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में यह 4 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। राजस्थान के बाकी हिस्सों, उत्तरी मध्य प्रदेश और मेघालय में भी कुछ जगहों पर ऐसा ही तापमान रहा। देश के अधिकतर हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा। हालांकि, पश्चिमी हिमालय के ऊंचे इलाकों में तापमान 0 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया।

 

पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाके, ओडिशा और गुजरात क्षेत्र में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री कम दर्ज किया गया। देश के बाकी हिस्सों में तापमान सामान्य के आसपास रहा।

 

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के गंगा क्षेत्र और गुजरात में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। जबकि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और असम में तापमान में 1 से 3 डिग्री की गिरावट देखी गई।

 

देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस, राजस्थान के सीकर में दर्ज किया गया।

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