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गौरव गोगोई Vs CM सरमा, असम की सियासत में PAK की चर्चा क्यों?

असम की सियासत में इन दिनों पाकिस्तान की चर्चा है। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई पर पाकिस्तान जाने का आरोप लगाया तो कांग्रेस सांसद ने भी पलटवार किया।

MP Gaurav Gogoi and CM Himanta Biswa Sarma

सांसद गौरव गोगोई और सीएम हिमंत बिस्वा सरमा। Photo Credit- Social Media

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। सरमा ने आरोप लगाया कि आईएसआई ने गौरव गोगोई को पाकिस्तान आने का न्योता दिया था। मगर उनके इन आरोपों पर गोगोई ने प्रतिक्रिया दी और इसे पागलपन बताया। अपने एक्स पोस्ट पर गौरव गोगोई ने लिखा कि मैं असम के मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित हूं। असम में प्रवेश करने के बाद से ही मैं उनके रडार पर हूं। उन्होंने पिछले 13 वर्षों में मेरे बारे में कई बेबुनियाद बयान दिए हैं। सबसे हालिया टिप्पणी पागलपन और बेतुकी है। गोगोई ने आगे कहा कि वह कोई तथ्य नहीं दे रहे हैं। सिर्फ आईटी सेल ट्रोल की तरह व्यवहार कर रहे हैं। एक सीएम को ट्रोल नहीं होना चाहिए। अगर उनके पास अपने आरोप के समर्थन में कोई तथ्य है तो उसे सार्वजनिक करें। 


अपने बयान में गौरव गोगोई ने कहा कि यह तय किया जाएगा कि 2026 के बाद उन्हें कुछ आराम मिले। मुख्यमंत्री जिस स्क्रीप्ट पर काम कर रहे हैं, वह बी-ग्रेड फिल्म से भी खराब है। यह भी दावा किया कि सीएम के अंदर असुरक्षा की भावना है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया था कि उनका 'बॉडी डबल' रैली की अगुवाई कर रहा है।

 

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कांग्रेस से असम सीएम ने क्या अपील की? 

दरअसल, पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए केंद्र सरकार सभी दलों के सांसदों को विदेश भेज रही है। कांग्रेस ने सरकार के पास आनंद शर्मा, सैयद नसीर हुसैन, राजा बराड़ और गौरव गोगोई का नाम भेजा था। इसके बाद असम के सीएम ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अपील की थी कि सूची से गौरव गोगोई के नाम को हटा दिया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि 'राष्ट्रीय सुरक्षा के हित' में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल न किया जाए। हालांकि सीएम ने सीधे तौर पर गौरव गोगोई का नाम नहीं लिया था। 

 

राष्ट्रीय सुरक्षा का दिया हवाला

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, 'सूची में नामित सांसदों में से एक (असम से) ने कथित तौर पर दो सप्ताह तक पाकिस्तान में रहने की बात से मना नहीं किया है। विश्वसनीय दस्तावेजों से पता चलता है कि उनकी पत्नी भारत में काम करते हुए पाकिस्तान स्थित एक एनजीओ से वेतन ले रही थीं। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में और दलगत राजनीति से ऊपर मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अपील करता हूं कि इस व्यक्ति को ऐसे संवेदनशील और रणनीतिक कार्य में शामिल न करें।' 

 

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गोगोई ने पूछा- केंद्र क्यों चुप है?

सरमा ने दावा किया था कि गोगोई के खिलाफ सबूत 10 सितंबर के बाद आएंगे। इस पर गौरव गोगोई ने सीएम से सबूत मांगे और पूछा कि सितंबर तक इंतजार क्यों? मैं पाकिस्तान कब गया था, ये बताएं। यह भी बताएं कि भाजपा से कोई गया है या नहीं, या सिर्फ कांग्रेस ही गए थे। यह भी पूछा कि भाजपा के किसी व्यक्ति का पाकिस्तान से लेन-देन है या नहीं। क्या उन्होंने पाकिस्तानी नागरिकों से शादी नहीं की। कांग्रेस सांसद ने सवाल किया कि अगर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है तो केंद्र चुप क्यों है? यह भी बताया कि मेरे बच्चों के नाम पर 18 कंपनियां नहीं हैं। मेरे या मेरे परिवार के नाम पर कोई चाय बागान, रिसॉर्ट या भूखंड नहीं है। सिर्फ मुझे बदनाम करने की साजिश है।

 

 

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