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US ने दिया PaxSilica में शामिल होने का ऑफर, भारत को इसका फायदा क्या होगा?

अमेरिका ने भारत को पैक्स सिलिका में शामिल होने का ऑफर दिया है। माना जाता है कि यह चीन को मैनेज करने के लिए किया जा रहा है।

donald trump and narendra modi

डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी । Photo Credit: PTI

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भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ का विवाद जरूर चल रहा है लेकिन दूसरी तरफ अन्य मुद्दों पर साथ आगे बढ़ने की कोशिशें भी जारी हैं। सोमवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत को पैक्स सिलिका में पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। यह इस रूप में भी बड़ी बात मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले वॉशिंगटन डीसी में हुए पैक्स सिलिका बैठक में जापान, दक्षिण कोरिया, नीदरलैंड, यूएई जैसे देश तो शामिल हुए लेकिन भारत को आमंत्रित नहीं किया गया।

 

सेमी कंडक्टर मिशन और इसके ग्लोबल सप्लाई चेन में अभी तक चीन का दबदबा है। माना जा रहा है कि चीन के प्रभाव को कम करने के लिए ही भारत को इसमें शामिल करने की बात कही जा रही है। हाल ही में दिल्ली आए सर्जियो गोर ने दोनों देशों के बीच महत्त्वपूर्ण रिश्तों की बात की।

 

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उन्होंने कहा, 'सच्चे दोस्तों के बीच मतभेद हो सकते हैं लेकिन वे हमेशा उसे खत्म कर लेते हैं।' अर्थव्यवस्था औऱ व्यापार को आगे बढ़ाने की अपनी बात को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका ट्रेड डील करने के लिए उत्सुक है और बातचीत बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।

 

क्या है पैक्स सिलिका?

पैक्स सिलिका अमेरिकी इनीशिएटिव है जिसका उद्देश्य दुनिया के अन्य देशों के साथ मिलकर सिलिकॉन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को बनाना और सुचारु रूप से चलाना है।

 

सीधे तौर पर कहें तो पैक्स सिलिका इनीशिएटिव के जरिए अमेरिका अपने भरोसेमंद पार्टनर्स के साथ मिलकर एआई तकनीक, क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ सप्लाई चेन को मजबूत करेगा। पिछले महीने इसमें जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इजरायल शामिल हुए थे।

भारत पर क्या असर होगा?

भारत के इसमें शामिल होने से बड़ा असर पड़ने वाला है। पहले तो जैसे ही यह खबर आई की भारत को पैक्स सिलिका में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है वैसे ही रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बड़ा उछाल देखने को मिला।


अगर भारत ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनता है तो देश में निवेश बढ़ेगा, नई टेक्नॉलजी आएगी और भविष्य में रोजगार के मौके भी बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा देश की पोजिशनिंग एक भरोसेमंद टेक और मिनरल पार्टनर के तौर पर होगी।


साथ ही जो भारतीय कंपनियां क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ में काम करती हैं उनके लिए ग्लोबल पार्टरनरशिप का रास्ता भी खुल सकता है। रिसर्च एंड डेवलेपमेंट की दिशा में भी सहयोग मिलने की संभावना बढ़ेगी।

 

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मोदी से दोस्ती

सर्जियो ने इसके अलावा ट्रंप और मोदी के दोस्ती की भी बात कही। उन्होंने कहा, 'मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दुनिया भर की यात्रा की है और गवाही दे सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती असली है।' उन्होंने ट्रंप की भारत यात्रा की भी उम्मीद जताई।



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