झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की एक पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में है। 14 फरवरी को दुबे ने पत्रकार रजत शर्मा के शो 'आप की अदालत' का एक वीडियो साझा किया। कैप्शन में लिखा- 'सवाल से जो व्यक्ति ऊपर है वो मोदी जी हैं।' उनके इसी बयान पर सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई। बहस यह छिड़ी है कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में कोई प्रधानमंत्री या किसी अन्य पद पर बैठा व्यक्ति सवाल और जवाबदेही से ऊपर हो सकता है क्या?
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, निशिकांत दुबे रजत शर्मा के फेमस शो आप की अदालत में पहुंचे थे। यहां उनसे राहुल गांधी पर उनके अर्बन नक्सल वाले बयान के बारे में पूछा गया। जवाब में निशिकांत दुबे ने कहा, 'चुनाव आयोग, ज्यूडिशरी, ब्यूरोक्रेसी पर सवाल उठाया। प्रधानमंत्री को कभी प्रधानमंत्री नहीं माना। जब पूरे लोकतंत्र के ऊपर कोई सवाल आ जाए। दूसरा वो जब घूमने जाते हैं, वियतनाम चले जांएंगे। कंबोडिया चले जाएंगे। बहरीन चले जाएंगे और यूएस एड, फोर्ड फाउंडेशन और सोरोस फाउंडेशन सैम पित्रोदा के साथ सारे कार्यक्रम को करेंगे। वहां से आकर वे एजेंडा सेट करेंगे। आर्मी के खिलाफ अग्निवीर की बात करेंगे। इस देश में अगर कोई अराजकता पैदा करना चाहता है तो उसे अर्बन नक्सल नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे?'
जब निशिकांत से पूछा गया कि राहुल गांधी कहते हैं कि जब मैं प्रधानमंत्री से सवाल पूछता हूं तब यह सब लोग मेरे पीछे पड़ जाते हैं। जवाब में निशिकांत ने कहा, 'नरेंद्र मोदी से क्या सवाल पूछेंगे? नरेंद्र मोदी तो सवालों से ऊपर हो गए हैं। उनको (राहुल गांधी) तो अपने आप से सवाल पूछना चाहिए।'
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बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने यही वीडियो अपने एक्स अकाउंट पर साझा किया। और लिखा - 'सवाल से जो व्यक्ति उपर है वो मोदी जी हैं।' आपको यह बता दूं कि निशिकांत दुबे ने अपनी पोस्ट 'ऊपर' भी सही ढंग से नहीं लिख पाए हैं।
निशिकांत के पोस्ट पर आया कम्युनिटी नोट
निशिकांत की पोस्ट पर दो कम्युनिटी नोट्स दिख रहे हैं। पहले में लिखा, 'भारत के संविधान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हो सवालों या कानून से ऊपर नहीं है। संविधान का अनुच्छेद 14और संसदीय लोकतंत्र की बुनियादी संरचना यह सुनिश्चित करती है कि कार्यपालिका हमेशा जनता और संसद के प्रति जवाबदेह है।'