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12 में 93 पेपर लीक? Gen Z से 'बांग्लादेश क्रांति' की अपील कर रहे केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने युवाओं से अपील की है कि वे क्रांति करें और केंद्र की मौजूदा एनडीए सरकार को बाहर करें। पढ़ें रिपोर्ट।

Arvind Kejriwal

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल। Photo Credit: AAP/X

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आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में 90 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं, 6 करोड़ से ज्यादा युवाओं का भविष्य सरकारी खामियों की वजह से दांव पर लगा है। उन्होंने कहा बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं ने उम्मीदवारों का आत्मविश्वास हिला कर रख दिया है। 
 
अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को 'जेन जी' से अपील की कि वे NEET (UG) परीक्षा पत्र लीक के कथित दोषियों को जेल में लाएं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर बांग्लादेश और नेपाल के युवा राजनीतिक बदलाव ला सकते हैं तो भारतीय छात्र भी जवाबदेही तय करने के लिए दबाव डाल सकते हैं।

यह भी पढ़ें: 'BJP शासित राज्यों में ही पेपर लीक क्यों', सिब्बल ने साल दर साल दिया आंकड़ा

 

अरविंद केजरीवाल, संयोजक, आम आदमी पार्टी:-
2014 से अब तक 93 पेपर लीक हुए हैं। 6 करोड़ से ज़्यादा युवाओं का भविष्य बर्बाद हो गया। सबसे ज्यादा पेपर लीक उन्हीं राज्यों में हुए, जहां BJP की डबल इंजन सरकार है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात। क्या ये सिर्फ संयोग है?

'युवाओं को सड़क पर उतरना होगा'

अरविंद केजरीवाल, संयोजक, आम आदमी पार्टी:-
सालों से NEET के पेपर लीक हो रहे हैं और हम सिर्फ सिस्टम को कोसकर आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन सिस्टम अपने आप नहीं चलता, उसके पीछे लोग बैठे हैं। उन्हें पहचानना होगा, पकड़ना होगा और जेल भेजना होगा। इसके लिए युवाओं को सड़कों पर उतरना होगा।

अरविंद केजरीवाल ने यह भी सवाल उठाया कि क्या CBI की ओर से पहले कराई गई जांचे के नतीजे आए, उसके आधार पर दोषियों को कड़ी सजा मिली है?

बांग्लादेश जैसी क्रांति की उम्मीद कर रहे हैं केजरीवाल

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, 'अगर बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों में जेन जेड सरकारें बदल सकती है, तो भारतीय युवा भी पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित कर सकते हैं।'

 

 



यह भी पढ़ें: सैकड़ों करोड़ का मुनाफा, पेपर कराने में बार-बार फेल, चौतरफा घिरी NTA की कहानी

अरविंद केजरीवाल, संयोजक, आम आदमी पार्टी:-
अगर नेपाल और बांग्लादेश के जेन-जी अपनी सरकारें बदल सकते हैं तो क्या भारत के 'जेन जी' पेपर लीक करवाने वालों को जेल नहीं भेज सकते?

कौन हैं Gen Z?

साल 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई पीढ़ी, जेन Z कही जाती है। यह वह युवा वर्ग है जो तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है।  

'NEET जांच का कोई हल नहीं निकलेगा'

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि NEET पेपर लीक केस में CBI जांच का कुछ भी निष्कर्ष नहीं निकलेगा। पिछले पेपर लीक में भी जांच में कुछ साबित नहीं हो पाया। अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि पेपर लीक, बीजेपी शासित राज्यों में ज्यादा होते हैं।

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