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असम की कोयला खदान में अचानक भरा पानी, मजदूरों को बचाने का अभियान जारी

दूरदराज का इलाका होने की वजह से हमें घटना की जानकारी दोपहर 1 बजे के आसपास मिली, जबकि खदान में पानी सुबह ही भर गया था।

Dima Hasao coal mine

उमरंगशू क्षेत्र में मौजूद कोयला खदान। Photo credit- DD

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पूर्वोत्तर राज्य असम से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। असम के दीमा हसाओ जिले में सोमवार सुबह एक कोयला खदान में जमीन के अंदर से पानी रिसने लगा, जिससे वहां पानी भर गया है। खदान में कई मजदूर फंसे हुए हैं, लेकिन प्रशासन से श्रमिकों की सही संख्या नहीं बता पाया। 

 

अधिकारियों के मुताबिक, दीमा हसाओ पहाड़ी जिला है। यहां उमरंगशू क्षेत्र में टिन किलो नाम की जगह पर राज्य सरकार कोयला खदान संचालित करती है। खदान के अंदर कई श्रमिक काम कर रहे थे। 

 

दीमा हसाओ के डिप्टी कमिश्नर सिमंत कुमार दास ने कहा, 'कुछ श्रमिक खदान के अंदर फंसे हुए हैं। खदान एक सुदूर क्षेत्र में है, वहां आसानी नहीं पहुंचा जा सकता है। हमें अभी भी स्पष्ट नहीं है कि खदान के अंदर कितने लोग फंसे हैं और उनकी हालत क्या है।'

 

ईश्वर से प्रार्थना कर रहा हूं- सीएम

 

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'उमरंगशू से दुखद खबर है, जहा मजदूर कोयला खदान में फंस गए हैं। सटीक संख्या और स्थिति अभी भी अज्ञात है। डीसी, एसपी और मेरे सहयोगी कौशिक राय घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। सभी की सुरक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहा हूं।'

 

खादान में फंसे मजदूरों के नाम

 

हालांकि, सीएम हिमंता ने बाद में जानकारी मिलने के बाद खदान में फंसे हुए मजदूरों की लिस्ट जारी की। इसके मुताबिक, नेपाल के उदयपुर जिले के रहने वाले 38 साल के गंगा बहादुर श्रेठ, असम के दर्रांग जिले के हुसैन अली, जाकिर हुसैन और मुस्तफा शेख, असम के कोकराझार जिले के सर्पा बर्मन और खुसी मोहन राय, पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के संजीत सरकार, दिमा हसाओ जिले के लिजान मगर और असम के सोनितपुर जिले के सरत गोयारी शामिल हैं।

 

सेना की सहायता का अनुरोध

 

सीएम ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने बचाव अभियान में सेना की सहायता का अनुरोध किया है। उन्होंने जानकारीदेते हुए कहा कि एसडीआरएफ और एनडीआरएफ भी मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।

 

डिप्टी कमिश्नर सिमंत कुमार दास ने बताया कि दूरदराज का इलाका होने की वजह से हमें घटना की जानकारी दोपहर 1 बजे के आसपास मिली। जानकारी मिलने के बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ) की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुईं, लेकिन बचाव टीम देर शाम नहीं पहुंच पाई थीं।

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