कोलकाता अग्निकांड में पुलिस ने Wow! Momo के मैनेजर और डिप्टी मैनेजर को गिरफ्तार किया है। कोलकाता के नजदीक आनंदपुर में कंपनी की मोमो बनाने वाली यूनिट और गोदाम हैं। 26 जनवरी की तड़के यहां दो गोदामों में लगी भीषण आग में अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी है।
पुलिस ने बताया कि मोमो बनाने वाली यूनिट के मैनेजर राजा चक्रवर्ती और डिप्टी मैनेजर मनोरंजन शीट को नरेंद्रपुर पुलिस ने पकड़ा है। दोनों को बारुईपुर सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले उसी परिसर में स्थित एक डेकोरेटर फर्म के मालिक गंगाधर दास को भी पकड़ा जा चुका है।
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अधिकारियों का कहना है कि अब तक घटनास्थल से 21 शरीर के अंग मिले हैं। हालांकि मृतकों की संख्या की सटीक पुष्टि नहीं कर सकते हैं, क्योंकि बरामद शरीर के अंग एक या अलग-अलग व्यक्तियों के भी हो सकते हैं। मृतकों की सही संख्या की पुष्टि डीएनए टेस्ट के बाद ही हो पाएगी।
एक गोदाम से भड़की आग दूसरे तक पहुंची
सोमवार की तड़के आग सबसे पहले पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के गोदाम में भड़की। कुछ देर में ही इसने बगल में स्थित Wow! Momo के गोदाम को भी अपनी चपेट में ले लिया। लोगों का दावा है कि दोनों गोदाम में करीब 37 मजदूर थे। सिर्फ तीन मजदूर ही भागने में कामयाब रहे। बताया जा रहा है कि दोनों ही गोदाम में भारी मात्रा में ज्वलनशील सामान रखा था। इस कारण से आग बेहद तेजी से भड़की और मजदूरों को भागने का भी मौका नहीं मिला।
Wow! Momo ने अपने एक बयान में कहा, '26 जनवरी 2026 की तड़के तीन बजे हमारे पड़ोसी वेयरहाउस से आग हमारे परिसर में फैल गई। इससे कोलकाता के आनंदपुर में हमारा एक वेयरहाउस पूरी तरह जल गया। हमने अपने दो मूल्यवान कर्मचारियों और एक एनआईएस कॉन्ट्रैक्टेड सिक्योरिटी गार्ड को खो दिया है।'
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Wow! Momo ने आर्थिक सहायता देने का किया ऐलान
कंपनी ने कहा कि पड़ोसी वेयरहाउस में अनाधिकृत खाना पकाने के कारण आग लगने की घटना हुई। नाजिराबाद Wow! Momo का गोदाम तीन साल पहले शुरू हुआ था। यहां सभी अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया है। गोदाम के अंदर 28 अग्निशामक यंत्र लगाए गए थे। Wow! Momo ने अपने मृतक कर्मचारियों के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जीवनभर हर महीने मासिक वेतन और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की बात कही है।