तमिलनाडु की राजनीति में चुनावी सरगर्मियों के बीच जुबानी जंग अब बेहद निजी और विवादित बयानों तक पहुंच गई है। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) की नेता और राज्यसभा सांसद सीवी शणमुगम ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की एक महत्वाकांक्षी योजना पर तंज कसते हुए मशहूर अभिनेत्री नयनतारा के नाम का इस्तेमाल किया है। उनके इस बयान ने न केवल सियासी गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है, बल्कि इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक भी माना जा रहा है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब शणमुगम विल्लुपुरम में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। वे राज्य सरकार की नई पहल 'टेल अस योर ड्रीम' की आलोचना कर रहे थे। इस योजना के तहत सरकारी वॉलंटियर्स घर-घर जाकर लोगों की शासन संबंधी राय और उनकी इच्छाएं जान रहे हैं। इसी योजना का मजाक उड़ाते हुए सांसद ने कहा, 'अगर मैं कहूं कि मुझे नयनतारा चाहिए, तो क्या स्टालिन मेरा यह सपना पूरा करेंगे? क्या मुख्यमंत्री किसी ऐसे व्यक्ति का सपना पूरा करेंगे जो नयनतारा से शादी करना चाहता है?'
यह भी पढ़ें: बंगाल में पुरोहितों-मुअज्जिनों को मानदेय देना संविधान का उल्लंघन तो नहीं है?
सांसद के इस बयान के बाद सत्ताधारी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) हमलावर हो गई है। पार्टी प्रवक्ता डॉ. सैयद हफीजुल्लाह ने इसे एक सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य टिप्पणी करार दिया। उन्होंने कहा, 'आप हमारी नीतियों और कार्यों की आलोचना करने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभिनेत्री नयनतारा पर इस तरह की अभद्र टिप्पणी कर सांसद ने राज्य की समस्त महिलाओं का अपमान किया है।' DMK ने AIADMK नेतृत्व से अपने सांसद पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
अपनी ही पार्टी में हुआ विरोध
हैरानी की बात यह है कि जिस मंच से यह बयान दिया गया वह महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के विरोध में आयोजित किया गया था। सांसद की इस टिप्पणी के बाद उनकी अपनी ही पार्टी AIADMK असहज नजर आ रही है। हालांकि, पार्टी ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि नेता इस व्यक्तिगत टिप्पणी से दूरी बना रहे हैं।
यह भी पढ़ें: नीतीश की जीत के अगले दिन केसी त्यागी का JDU से इस्तीफा, खत में बयां हुआ दर्द
विवादों से पुराना नाता
पूर्व मंत्री सीवी शणमुगम का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने महिलाओं को लेकर इस तरह की पिछड़ी और आपत्तिजनक बात कही हो। पिछले साल भी उन्होंने स्टालिन सरकार के चुनावी वादों पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री मुफ्त पत्नी देने की घोषणा भी कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह की भाषा का इस्तेमाल AIADMK के लिए महिला वोट बैंक के बीच मुश्किलें खड़ी कर सकता है।