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नीतीश की जीत के अगले दिन केसी त्यागी का JDU से इस्तीफा, खत में बयां हुआ दर्द

नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के ठीक एक दिन बाद उनके साथी केसी त्यागी ने JDU से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे के लेटर में अपनी भावनाएं शेयर की हैं।

KC Tyagi resigns from JDU

केसी त्यागी। (Photo Credit: Social Media)

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बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) को एक बड़ी राजनीतिक झटका देने वाली खबर सामने आई है। पार्टी के कद्दावर नेता और वर्षों तक नीतीश कुमार के भरोसेमंद साथी रहे केसी त्यागी ने मंगलवार 17 मार्च को JDU को अलविदा कह दिया। दिलचस्प बात यह है कि त्यागी का यह इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राज्यसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के ठीक अगले ही दिन आया है। जिसने सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

 

केसी त्यागी ने साफ किया है कि पार्टी के हालिया सदस्यता अभियान के दौरान उन्होंने अपनी सदस्यता का नवीनीकरण (रिन्यू) नहीं कराया, जिसका सीधा अर्थ पार्टी से औपचारिक विदाई है। हालांकि, के सी त्यागी ने नीतीश कुमार के साथ अपने पांच दशक पुराने रिश्तों का सम्मान करते हुए उन्हें अपना पुराना साथी बताया लेकिन अब उन्होंने अपनी राजनीतिक राहें अलग कर ली हैं।

 

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केसी त्यागी का दर्द खत में बयां हुआ

केसी त्यागी ने अपने इस्तीफे के पीछे किसी कड़वाहट का जिक्र नहीं किया, बल्कि पार्टी के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने बताया कि साल 2003 में जॉर्ज फर्नांडिस के नेतृत्व में समता पार्टी और जनता दल के विलय से JDU का जन्म हुआ था। शरद यादव और नीतीश कुमार जैसे दिग्गजों के साथ काम कर चुके त्यागी ने पार्टी में मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला। उन्होंने साफ किया कि वह आगे भी चौधरी चरण सिंह, लोहिया और कर्पूरी ठाकुर की वैचारिक विरासत को आगे बढ़ाते रहेंगे।

 

केसी त्यागी ने लिखा है, 'पार्टी का सदस्यता अभियान अब खत्म हो गया है। इस बार मैंने पार्टी की सदस्यता दोबारा नहीं ली है। हालांकि गरीबों, किसानों और समाज के वंचित वर्गों के हितों से जुड़े बड़े और अहम मुद्दों पर मेरी सोच और प्रतिबद्धता पहले की तरह ही मजबूत बनी हुई है।'

 

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उन्होंने आगे लिखा, 'मेरे निजी तौर पर नीतीश कुमार के लिए सम्मान में कोई कमी नहीं आई है। वह करीब आधी सदी से मेरे साथी रहे हैं और आगे भी रहेंगे।'

22 मार्च को दिल्ली में खुलेगा भविष्य का पत्ता

JDU से विदाई के बाद अब सबकी नजरें 22 मार्च को दिल्ली के मावलंकर हॉल में होने वाली बैठक पर टिकी हैं। केसी त्यागी ने यहां समान विचारधारा वाले नेताओं, कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों का एक सम्मेलन बुलाया है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, 'देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर विचार-विमर्श करने के बाद ही मैं अपने अगले कदम का औपचारिक एलान करूंगा।'


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