दिल्ली के रूप नगर इलाके में मंगलवार, 17 मार्च 2026 को एक बहुत दुखद घटना घटी। रूपनगर के ब्लॉक 3 में मदर डेयरी के पास बना एक पुराना लोहे का फुटओवर ब्रिज अचानक टूटकर नीचे नाले में गिर गया। इस हादसे के समय पुल के पास मौजूद करीब 50 साल की एक महिला पुल के साथ ही गहरे नाले में जा गिरी। पुल का भारी भरकम ढांचा गिरने से महिला मलबे और पानी के बीच दब गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। महिला को तलाशने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF), दिल्ली पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के जवानों को तुरंत काम पर लगाया गया। रेस्क्यू टीमों ने काफी मशक्कत के बाद महिला का शव नाले से बाहर निकाला। मौके पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक, महिला को बाहर निकालते ही मृत घोषित कर दिया गया क्योंकि गिरने और मलबे की चोट से उसकी जान जा चुकी थी।
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स्थानीय निवासियों को आरोप है कि यह पुल काफी पुराना हो चुका था और इसके खराब हालत को लेकर प्रशासन को आगाह किया गया था। समय रहते कोई मरम्मत नहीं होने पर यह बड़ा हादसा हो गया। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है कि आखिर इस जर्जर पुल को इस्तेमाल के लिए क्यों खुला छोड़ा गया था।
हाल के दिनों में देश भर में हुए कुछ बड़े पुल हादसे
रुप नगर की यह घटना देश के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुए पुल हादसों की याद दिलाती है। पिछले कुछ समय में बुनियादी ढांचे की विफलता के कई मामले सामने आए हैं। साल 2024 में बिहार के कई जिलों में एक के बाद एक करीब एक दर्जन छोटे-बड़े पुल ढह गए थे। जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया था। इसी तरह पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भी पुराने पुलों के गिरने से जान का काफी नुकसान हुआ है। इन घटनाओं ने सार्वजनिक निर्माण कि काबिलियत और पुराने पुलों की समय पर मरम्मत न होने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
रूप नगर जैसे घनी आबादी वाले इलाके में इस तरह का हादसा होना प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। इस घटना ने दिल्ली के अन्य पुराने और जर्जर हो चुके पुलों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। अब स्थानीय लोगों की मांग है कि दिल्ली नगर निगम और संबंधित विभाग राजधानी के सभी पुराने पुलों की तुरंत जांच करें और उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी कदम उठाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।