समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार करते हुए शुक्रवार को कहा कि वह 'गिरगिटी भाषा' का इस्तेमाल करते हैं। उनके इस बयान के बाद माहौल गर्म हो गया है। दरअसल, एक दिन पहले सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी को लेकर कहा था कि सपा को रंग बदलते देखकर तो गिरगिट भी सकुचा जाए। सूबे के दोनों शीर्ष नेता इन दिनों एक दूसरे पर हमलावर हैं।
दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम अखिलेश ने कहा, 'सच तो यह है कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही पारित हो चुका है, भले ही बीजेपी ऐसा नहीं चाहती थी।'
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बीजेपी की साजिश बेनकाब हो गई- अखिलेश
उन्होंने कहा, 'चूंकि परिसीमन के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल एकजुट थे, इसलिए बीजेपी की साजिश (महिलाओं के साथ धोखा करने की) बेनकाब हो गई। इसीलिए, अपनी हार को छिपाने के लिए, वे बस महिला आरक्षण के मुद्दे को जिंदा रखना चाहते हैं।' उन्होंने कहा कि बीडेपी 'नारी वंदन' को महज एक 'नारा' बनाकर रखना चाहती है।'
'मुख्यमंत्री गिरगिटी भाषा का इस्तेमाल करते हैं'
सीएम आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा, 'हमारे मुख्यमंत्री गिरगिटी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, यानी गिरगिट जैसी भाषा। अगर ऐसा कोई शब्द मौजूद नहीं है, तो मैं चैटजीपीटी से इस नए शब्द को गढ़ने के लिए कहूंगा। अगर उनके पुराने बयान निकाले जाएं और आज के बयान पढ़े, देखे और सुने जाएं तो आपको एहसास होगा कि असली गिरगिट कौन है। आपको यह भी दिखेगा कि महिलाएं कितनी असुरक्षित हैं।'
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सीएम योगी ने क्या कहा था?
बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विधानसभा में एक दिवसीय नारी सशक्तिकरण विशेष सत्र में राज्य के मुख्य विपक्षी दल सपा पर निशाना साधते हुए कहा था 'आपको रंग बदलते देखकर गिरगिट भी सकुचा जाता है। आप नारा लगा रहे हैं कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए और सदन में संशोधन विधेयक का विरोध भी कर रहे हैं।'