logo

ट्रेंडिंग:

अखिलेश यादव नोएडा से करेंगे मिशन 2027 की शुरुआत, पीछे की वजह क्या है?

समाजवादी पार्टी सूत्रों से शनिवार को खबर आई कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव 28 मार्च से चुनावी कैंपेन की शुरुआत नोएडा से करेंगे।

Akhilesh Yadav Mission 2027

अखिलेश यादव। Photo Credit- PTI

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुट गए हैं। यूपी में अभी चुनाव होने में एक साल का समय है। इससे लगभग एक साल पहले ही सपा ने अपना चुनावी रथ तैयार कर लिया है। उन्होंने इसका आधिकारिक आगाज नोएडा से करने का फैसला किया है। यह कदम राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नोएडा और पश्चिमी यूपी के दर्जनों जिले बीजेपी का मजबूत गढ़ रहे हैं। पहले से यहां सपा का प्रदर्शन कमजोर रहा है। मगर, इस बार के चुनावी रथ की शुरूआत नोएडा से करने से सपा को मजबूती देने की कोशिश है।  

 

दरअसल, समाजवादी पार्टी ने शनिवार को ऐलान किया कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव 28 मार्च से चुनावी कैंपेन की शुरुआत करेंगे। इस बार सपा कैंपेन की शुरूआत पूर्वांचल से नहीं बल्कि पश्चिमी यूपी से करेंगे। अखिलेश यादव 2027 विधानसभा का चुनाव प्रचार 28 मार्च से नोएडा से शुरू करेंगे। यह रैली राम नवमी के अगले दिन होगी। लगभग 11 महीने पहले ही चुनावी कैंपेन शुरू करने जा रहे अखिलेश यादव सपा के लिए सबसे कमजोर क्षेत्र नोएडा को चुना है, क्योंकि नोएडा से वह पश्चिमी यूपी की संदेश दे सकते हैं कि सरकार आने पर इस क्षेत्र पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।

 

यह भी पढ़ें: बंगाल का अंतरिम बजट, ममता बनर्जी का मेनिफेस्टो कैसे? वादों से समझिए

दर्जनों सीटें पर सपा की नजर

सपा के सूत्रों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश नोएडा में PDA भागीदारी रैली (PDA-पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) से विधानसभा चुनाव में PDA फॉर्मूले का भी ऐलान करेंगे। यह 'PDA यात्रा' का हिस्सा होगी, जो पूरे प्रदेश में फैलेगी। जिन क्षेत्रों में बीते चुनावों में सपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, वहां पर अखिलेश यादव इस यात्रा से ज्यादा फोकस करेंगे। 2022 के विधानसभा में चुनाव में गौतमबुद्धनगर (नोएडा) जिले की सभी तीनों सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी और सपा को एक भी सीट नहीं मिली थी। इसके अलावा आसपास के जिलों की दर्जनों सीटें हार गए थे।

 

 

वैसे यूपी की सियासत में एक पुरानी धारणा रही है कि नोएडा जाना 'अशुभ' माना जाता था, क्योंकि माना जाता था कि कई सीएम यहां जाने के बाद कुर्सी खो बैठे थे। मगर, इस बार अखिलेश यादव अब इसी जगह से शुरुआत करके उस मिथक को तोड़ने की कोशिश करेंगे।

 

यह भी पढ़ें: पेरियार, द्रविड़ आंदोलन, हिंदुत्व..., तमिलनाडु में क्यों थमता है BJP का विजय रथ?

रणनीति क्या है?

अखिलेश यादव PDA फॉर्मूले पर 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद से ही जोर दे रहे हैं। इस नारे के साथ ताकि पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों को एकजुट किया जा सके। वह इस अभियान को धीरे-धीरे हर जिले तक पहुंचाएंगे।

 

समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की यह पीडीए यात्रा बीजेपी और योगी आदित्यनाथ के सामने यह चुनौती पेश करने वाला हो सकता है। इसी फॉर्मूले के बल पर समाजवादी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करके अपनी ताकत दिखा चुकी है।

 

इसी पीडीए के नारे के साथ में सपा 2027 के विधानसभा चुनाव में पिछड़ी और दलित जातियों को गोलबंद करेगी। साथ ही इस बीच ब्राह्मण जाति में यूजीसी के नियमों को लेकर रोष है। सपा का कहना है कि वह पीड़ित ब्राह्मण जाति के लोगों को भी साथ लेकर चलेगी और सरकार आने पर उनके साथ न्याय करेगी।


और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap